रेवती थाना अंतर्गत निर्भय वर्मा हत्याकांड का पुलिस कप्तान ने सोमवार को अपने दफ्तर में खुलासा किया। पुलिस के मुताबिक निर्भय (19) की हत्या उसके गांव के दोस्त रोशन वर्मा ने ही की है।
पुलिस ने उसे पेश करते हुए बताया कि एक लड़की से दोनों का संबंध था, जिसे लेकर रोशन ने हत्या की है। थाना क्षेत्र के मोहन छपरा गांव के युवक निर्भय वर्मा (19) पुत्र जनार्दन वर्मा का अपहरण 26 फरवरी की रात में हो गया था। निर्भय पड़ोस में एक शादी समारोह में शामिल होने गया था।
घटना की रात में करीब 12 बजे उसके चाचा के फोन पर उसी की मोबाइल से 15 लाख की फिरौती मांगी गई थी। घटना की सूचना रात में ही घरवालों ने पुलिस को दी।
शुक्रवार की सुबह निर्भय के बड़े चाचा वीरेंद्र की तहरीर पर पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया। इसी बीच उसका मोबाइल शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे मोहनछपरा-दयाछपरा मार्ग स्थित एक वट वृक्ष के पास किसान को मिला।
मोबाइल के आधार पर पुलिस मामले का खुलासा करने मेें जुट गई। इसी दौरान सूचना मिली की गांव से कुछ दूरी पर एक युवक का शव खेत में पड़ा है। मौके पर पहुंचे निर्भय के घर वालों ने शव की शिनाख्त कर ली।
पुलिस ने शव के साथ ही उसके पास से मिले मोबाइल को कब्जे में ले लिया। इस प्रकरण के खुलासे के लिए पुलिस अधीक्षक ने तीन टीमें गठित कर दी थी।
एसपी राजूबाबू सिंह ने बताया कि निर्भय वर्मा और रोशन वर्मा का एक ही लड़की से नाजायज संबंध था। लड़की की शादी के बाद भी निर्भय की बात उससे होती रहती थी। इससे रोशन नाराज चल रहा था। कई बार लड़की का मोबाइल नंबर रोशन ने मांगा लेकिन निर्भय ने उसे मना कर दिया।
इसी को लेकर आरोपी ने चोरी की मोबाइल से निर्भय को गांव के बाहर बुलाया। निर्भय की हत्या के बाद अपहरण का रूप देने के लिए निर्भय के सिम से उसके चाचा को फोन करते हुए फिरौती मांगा। हत्याकांड का पर्दाफाश करने वाली टीम में स्वाट प्रभारी राजकुमार सिंह, सर्विलांस प्रभारी डीके चौधरी, रेवती एसओ राजेश कुमार यादव, आरक्षी दिनकर मौर्य, दिनेश यादव, अरुण यादव, अतुल सिंह, राम निहाल, विजय तिवारी, मनोज यादव को पुलिस अधीक्षक राजूबाबू सिंह ने ढाई हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की।