जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में देर रात आई भीषण आंधी के साथ पानी में सैकड़ों पेड़ धराशाई हो गए। कुछ स्थानों पर ओले पड़ने की भी खबर है। कई टीनशेड उड़कर दूर जा गिरे। सड़क पर पेड़ गिरने से कई स्थानों पर यातायात बाधित रहा। सुबह आसपास के गांव के लोगों ने पेड़ काटकर रास्ता साफ कराया।
नगर सहित आसपास के गांवों में मंगलवार की देर रात भीषण आंधी-पानी में कई स्थानों पर पेड़ टूटकर गिर पड़े। इससे रात 11 बजे से 12 बजे तक बिजली बाधित रही। पुलिस लाइन के समीप सेमर का पेड़ टूटकर गिर गया। सुबह पेड़ को काटकर वाहनों के लिए रास्ता बनाया गया।
कई मोहल्ले में छत पर लगाए गए टीनशेड उड़कर दूर जा गिरे। नगर सहित आसपास के गांवों में कहीं-कहीं ओले भी पड़ा। जिससे किसानों को मामूली क्षति हुई है। बांसडीहरोड संवाददाता के अनुसार देर रात मौसम का मिजाज अचानक बदला और आंधी के बाद पानी और फिर ओले भी पड़े।
यह बूंदाबांदी से मूंग, खरबूजा, नेनुआ, लौकी, करेला, भिंडी एवं मिर्च की फसल के लिए काफी लाभदायक सिद्ध हुआ। वहीं आम पर ओले पड़ने से नुकसान हुआ। वहीं बारिश के कारण टूटी सड़कों पर पानी लगने से राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बेल्थरारोड संवाददाता के मुताबिक धूल भरी आंधी से क्षेत्र में दर्जनों पेड़ उखड़ गए। दूकान के छाजन हवा के झोंके से उड़ गए। पडरी, गौरीतालघोसा, चंदायर कला, अतरौल आदि ग्रामों में भी कई पेड़ उखड़ गए। बस स्टेशन के निकट बिजली का खंभा टेढ़ा हो गया।