पुलिस की ओर से अदालत को यह भी अवगत कराया गया कि आरोपी इस समय जिला कारागार मऊ में निरुद्ध है और वहां से बरामदगी स्थल की दूरी लगभग 90 किलोमीटर है। ऐसे में आरोपी को मौके पर ले जाकर हथियार बरामद करने, उसका मेडिकल परीक्षण कराने तथा विवेचना की प्रक्रिया को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए 20 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड की मांग की गई थी।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सीजेएम शैलेश पांडेय की अदालत ने पुलिस को आंशिक राहत देते हुए 19 मार्च को सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक, कुल 14 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर की। अदालत ने यह रिमांड चार शर्तों के साथ प्रदान किया है, जिनका पालन पुलिस को अनिवार्य रूप से करना होगा।
थानाध्यक्ष राजू राय ने बताया कि हत्याकांड में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी मामले की जांच के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से रिमांड की मांग की गई थी। उन्होंने भरोसा जताया कि रिमांड अवधि के दौरान पुलिस आरोपी के निशानदेही पर हथियार बरामद कर लेगी, जिससे केस को मजबूत करने में सहायता मिलेगी।
गौरतलब है कि आरोपी अजीत चौबे ने कुछ दिन पहले ही अदालत में आत्मसमर्पण किया था। मामले के अन्य आरोपी भी न्यायालय में पेश हो चुके हैं। पुलिस अब इस हत्याकांड के सभी पहलुओं को जोड़ते हुए साक्ष्य जुटाने में जुटी है, ताकि दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।