उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मागुट) ने गुरुवार को 20 सूत्री लंबित मांगों के समर्थन में जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय परिसर में धरना दिया और सभा की। इस दौरान शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर शासन-प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी की। साथ ही मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा।
चेतावनी दिवस के रूप में आयोजित धरने को संबोधित करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष राजेंद्र राय ने शिक्षकों को एकजुट होकर निर्णायक संघर्ष के लिए कमर कसने को कहा। इस मौके पर शिक्षक रवींद्रनाथ राय ने शिक्षकों में फूट डालने वाली शक्तियों से सावधान रहने का आह्वान किया।
वहीं, पूर्व अध्यक्ष केके पांडेय ने शिक्षकों में फूट डालने वाली शक्तियों से सावधान रहने को कहा। डा. शिवकुमार मिश्र ने चेतावनी देते हुए कहा कि तीन दिन के प्रतीकात्मक मूल्यांकन बहिष्कार से जिस आंदोलन की शुरूआत हुई थी, वह हमारी मांगों को माने जाने तक उग्र से उग्रतर होता जाएगा।
शशि प्रेमदेव ने अपनी शायरी के माध्यम से शिक्षकों में जोश भरा। वरिष्ठ शिक्षक नेता जयनारायण राय ने पुराने संघर्षों और उनकी सफल परिणति को याद दिलाते हुए शिक्षकों की अवहेलना करने वाली सरकार को सबक सीखाने का आह्वान किया। गाजीपुर से आए संघर्ष समिति के सदस्य दिनेशचंद्र राय ने कहा कि संवेदनहीन सरकारों को सबक सीखाने की जरूरत है।
संगठन के संयोजक विष्णुदेव राय ने जीपीएफ ऋण पर लगी रोक हटवाने, जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में दलालों की दखलंदाजी रोकने तथा कतिपय प्रबंधकों द्वारा कुछ शिक्षकों/कर्मचारियों के उत्पीड़न की समस्या को प्रांतीय नेताओं के समक्ष रखा।
पूर्व महामंत्री अशोक श्रीवास्तव ने अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए सतत् सचेष्ट रहने की जरूरत पर बल दिया। पूर्व शिक्षक विधायक डा. प्रमोद कुमार मिश्र ने कहा कि आज शिक्षकों के सामने न केवल नई उपलब्धियां अर्जित करने नहीं, बल्कि अर्जित उपलब्धियों की सुरक्षा करने की भी चुनौती है। सरकार हम शिक्षकों को खंड-खंड करके असहाय कर देना चाहती है।
इस मौके पर इंद्रासन सिंह, अक्षय कुमार राय, यादवेंद्र उपाध्याय, राघवेद्रं नरायण सिंह, ब्रह्मशंकर पांडेय, हरेंद्र सिंह, रमेश यादव, धर्मनाथ सिंह, ओमप्रकाश तिवारी, रामेश्वर सिंह, अवनीश उपाध्याय, राजेश प्रसाद, चंद्रमोहन द्विवेदी, प्रेमशंकर राय, ललित पांडेय, संतोष कुमार श्रीवास्तव आदि रहे। कार्यक्रम का संचालन विजय बहादुर सिंह ने किया।