हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में सीडीओ की जांच में दोषी पाए जाने पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. राकेश सिंह ने एक शिक्षिका की सेवा समाप्त कर दी। जबकि दो प्रधानाध्यापकों को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा प्रकरण में लिप्त एक एबीआरसी को दूसरे ब्लाक में भेज दिया गया है। यह कार्रवाई जनहित याचिका में पारित आदेश के अनुपालन में की गई है।
हाईकोर्ट इलाहाबाद में जनहित याचिका संख्या 47635/2014 शुक्ला यादव बनाम स्टेट ऑफ यूपी व अन्य दाखिल किया गया था। जिसमें सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने जांच के आदेश दिए थे। जिसकी जांच सीडीओ के बालाजी ने किया था।
उच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में मुख्य विकास अधिकारी द्वारा सम्बंधित शिक्षकों से जुड़ी शिकायतों की जांच की गयी। जांच में शिक्षा क्षेत्र रसड़ा के प्राथमिक विद्यालय रसड़ा पर तैनात शिक्षिका सीमा शर्मा के अनुदेशक का प्रमाण पत्र फर्जी मिला, जिस पर बीएसए ने सीमा शर्मा की सेवा समाप्त कर दी।
इसी क्रम में वित्तीय अनियमितता मिलने पर रसड़ा के ही प्राथमिक विद्यालय मुड़ेरा के प्रधानाध्यापक अजय व प्रावि सड़ौली के प्रधानाध्यापक अंजनी गुप्त को बीएसए ने सस्पेंड कर दिया है। इसके अलावा रसड़ा ब्लाक संसाधन केन्द्र पर तैनात एबीआरसी सुरेन्द्र चौहान के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की गयी है। इन्हें रसड़ा से हटाकर नगरा ब्लाक पर भेजा गया है।