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Ballia News: स्टाफ नर्स और वार्ड बॉय की कमी से सर्जिकल वार्ड पर लगा ताला

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जिला अस्पताल में सर्जिकल वार्ड पर ताला लग गया है। वार्ड में भर्ती मरीजों को हड्डी वार्ड में रेफर किया गया है। अस्पताल में स्टाफ नर्स सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की पद के सापेक्ष भारी कमी के चलते अस्पताल प्रशासन ने यह कदम उठाया है। अब हड्डी वार्ड में सर्जिकल, बच्चा वार्ड चलेगा। मरीजों की भीड़ बढ़ने पर उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ेगा। विभाग की ओर से छह ज्यादा पत्र कर्मचारियों की उपलब्धता के लिए शासन को भेजा गया है, लेकिन अभी तक कर्मचारी उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
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जिला अस्पताल में पद के सापेक्ष कम स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती और मरीजों की ज्यादा भीड़ के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था बेपटरी हो गई है। ट्रामा सेंटर शुरू होने के बाद अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी लगाए जाने के बाद इमरजेंसी व अन्य वार्डों की व्यवस्था चरमरा गई है। स्टाफ नर्स और वार्ड बॉय को 18 से 20 घंटे ड्यूटी करना पड़ रहा था। स्टाफ नर्सों ने सीएमएस से मिलकर नर्स को बढ़ाने की मांग की थी, अन्यथा आंदोलन की चेतावनी तक दे दी थी। मांग के बावजूद स्वास्थ्यकर्मी नहीं मिलने पर अस्पताल प्रशासन ने सर्जिकल वार्ड को बंद कर ट्रामा सेंटर व अन्य जगह स्वास्थ्यकर्मियों की कमी को पूरा किया। कर्मचारियों की कमी से ट्रामा सेंटर की व्यवस्था भी खराब चल रही है। एक वार्ड बॉय इमरजेंसी व ट्रामा सेंटर दोनों जगह ड्यूटी दे रहा है।

कोरोना काल में बच्चा वार्ड हुआ था शिफ्ट
कोरोना काल में पीकू वार्ड के निर्माण के बाद 36 बेड का बच्चा वार्ड बंद कर हड्डी वार्ड में शिफ्ट किया गया। अब सर्जिकल वार्ड के 36 बेड पर भी ताला लग गया, कुल 72 बेड की सुविधा पिछले दो वर्षों में बंद हो गई।
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