फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धूप तो आई पर गलन का कुछ नहीं बिगाड़ पाई

विज्ञापन
एनएच-31 पर कोहरा के चलते दिन में लाइट जलाकर अपने गंतव्य की ओर जाता कमांडर जीप। - फोटो : BALLIA
विज्ञापन
बलिया। करीब एक सप्ताह से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। तीन दिनों से ठंड के साथ शीतलहर का प्रकोप है। पूरे दिन आसमान में बादल व देर तक धुंध के कारण लोग बेहाल हैं। हालांकि सोमवार को दोपहर बाद धूप निकली जिससे लोगों को राहत मिली लेकिन शाम ढलते ही ठंड में इजाफा हो गया। सोमवार को अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रहा लेकिन न्यूनतम तापमान 7 डिग्री तक लुढ़क गया।
विज्ञापन

पिछले एक सप्ताह से मौसम में बदलाव जारी है। हल्की बारिश के बाद से ही आसमान में बादल, धुंध लगातार रह रहा है। सोमवार को भोर तक मौसम साफ रहा लेकिन कुछ ही देर में कोहरे व धुंध का असर शुरु हो गया जो कमोवेश पूरे दिन रहा। हालांकि दोपहर बाद धूप निकली लेकिन ठंड के आगे वह भी बेअसर रही। हवाओं के चलते शीतलहर का प्रकोप रहा। मौसम की बेरुखी के चलते लोग घरों से बाहर निकलने से बचते रहे और बहुत जरुरी होने पर ही लोग घरों से बाहर गर्म कपड़ों को पहन कर निकलेे। बाजारों में हालत यह रही कि जहां भी अलाव दिखा वहां खड़े होकर लोग शरीर को गर्म करते रहे। उधर, पड़ रही कड़ाके की ठंड के बीच ग्रामीण इलाकों में बिजली की कटौती तेज हो गई है। कई इलाकों में सात से आठ घंटे की कटौती हो रही है। पड़ रही कड़ाके की ठंड से बचाने के लिए फसलों की सिंचाई आवश्यक होती है। ऐसे में बिजली की कटौती के कारण किसान परेशान हैं। सोहांव ब्लॉक के भरौली निवासी संतोष कुमार, टुटुवारी निवासी मनोज आदि ने बताया कि सुबह सात बजे ही बिजली गुल हो जा रही है और दोपहर एक बजे के बाद आती है और फिर शाम को सात बजे आपूर्ति शुरु होती है। रात में भी कई बार कटौती होती है। बताया कि रात में आपूर्ति होने से इस ठंड में सिंचाई करना मुश्किल हो रहा है।
अधिशासी अभियंता , चंद्रेश उपाध्याय ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में आपूर्ति का रोस्टर बदलते रहता है। कभी कभार फॉल्ट आने पर बिजली बाधित होती है। ग्रामीण इलाकों में 18 घंटे की आपूर्ति की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें