बेल्थरारोड कस्बा निवासी अनिसुल हसन का पुत्र यासीर रफीक यूक्रेन के यूएनओ फ्रेंको सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। रूस यूक्रेन के बीच जंग के मद्देनजर यासीर वहीं फंस गया है। स्वदेश आने के लिए यासिर ने कई बार अपने परिजनों और यूक्रेन के अधिकारियों से गुहार लगाई लेकिन छात्र वहीं फंसा है।
यासीर के पिता अनिसुल हसन ने बताया कि वह यूक्रेन के इवानो फ्रेंक विस्क नेशनल मेडिकल कालेज में एमबीबीएस के पांचवे साल की पढ़ाई कर रहा है कि युद्ध के दौरान स्वदेश वापसी के लिए यासीर ने पैसे की मांग की। पिता ने बताया कि पहले 35 हजार किराया लगता था लेकिन 70 से 80 हजार लग रहा है। जबकि स्वदेश वापसी के लिए किराए के रुप में 60 हजार रुपया भेज चुका हूं फिर भी वह 10 से 15 हजार रुपये की मांग कर रहा है। उन्होंने बताया कि किराए में कई गुना बढ़ोत्तरी कर दी गई है। उन्होंने सरकार से यासिर के सकुशल स्वदेश लाने की मांग की है।