जिला विकास कार्यालय में बतौर स्टेनो कार्यरत गौरीशंकर राम सोमवार को कार्यालय में कार्य करने के दौरान अचानक बेहोश हो गए। कर्मियों ने उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां होश आने पर कर्मचारी ने अधिकारी पर रोज डांटने और गाली देने का आरोप लगाया।
गौरीशंकर सीडीओ के स्टेनो हैं लेकिन करीब ढाई वर्ष पहले सीडीओ प्रवीण वर्मा ने उन्हें अन्य कार्यालय से संबद्ध कर पूर्व में डीडीओ के स्टेनो रहे एसएन वर्मा को प्रभार दे दिया। हालांकि कागजों में अब भी सीडीओ के स्टेनो गौरीशंकर राम ही हैं। सोमवार को जिला विकास अधिकारी राजित राम मिश्र बीते दिनाें हुए बलिया महोत्सव से संबंधित पत्रावली से संबंधित कार्य करने के लिए स्टेनो को दिए। स्टेनो के अनुसार पत्रावली कुछ संशोधन करना था लेकिन वह बार-बार चिल्लाकर कहते रहे कि कितनी देर में यह कार्य हो जाएगा। वह कार्य कर लिया और केवल प्रिंट निकालना था कि उनकी तेज आवाज व गाली से अचानक बेहोश हो गया। आसपास के कर्मियों व डीडीओ ने इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। स्टेनो के होश आने के बाद डीडीओ ने अस्पताल में बताया कि वह काफी दिनों से बीमार होने के कारण कमजोर हो चुके हैं। इसकी वजह से शायद यह दिक्कत आई है। उधर, डीडीओ के जाने के बाद स्टेनो ने आरोप लगाया कि वह रोजाना डांटते हैं। गाली देते हैं। वह अनुसूचित जाति का है, इसलिए शोषण किया जा रहा है।
इस बाबत जिला विकास अधिकारी राजित राम मिश्र ने बताया कि कार्यालय में कर्मचारियों से कार्य के बाबत ही निर्देश दिए जाते हैं। आजतक किसी कर्मचारी को अपशब्द कभी नहीं कहा। वह सीडीओ के स्टेनो से हटाए जाने के बाद से ही परेशान हैं। उनकी ओर से लगाए गए आरोप निराधार व बेबुनियाद हैं।