सीवर निर्माण की जांच करती प्रदेश स्तरीय टीम।
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बलिया। जल निगम की ओर से पिछले 13 सालों से शहर में बन रहे सीवर व एसटीपी की जांच को गुरुवार को शासन के निर्देश पर प्रदेश मुख्यालय से चार सदस्यीय टीम पहुंची। टीम ने निर्माणाधीन सीवरेज पाइप लाइन व छोड़हर स्थित एसटीपी की जांच की। टीम से अचानक पहुंचने से विभाग में अफरा-तफरी बना रहा।
पूर्व जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत ने सीवर निर्माण को जल निगम के अधिकारियों पर शिकंजा कसा था। डीएम ने सीवर व एसटीपी निर्माण से संबंधित जल निगम के एक्सईएन से पूरी जानकारी ली। इस दौरान कई अनियमिताएं सामने आईं। इसके अलावा मिल रही शिकायतों को संज्ञान में लेकर डीएम ने शासन को पत्र लिखकर एसटीपी निर्माण में धांधली व सीवर पाइप लाइन चोक होने की दशा में चालू न होने की जांच की सिफारिश की थी। डीएम के पत्र को संज्ञान में लेकर शासन के निर्देश पर लखनऊ से अधीक्षण अभियंता अनिल चन्द्रा के नेतृत्व में आई टीम ने निर्माणाधीन एसटीपी पर कई घंटे तक एक-एक बिदु पर जांच की। इसके बाद सिविल लाइन जोन में कई स्थानों पर ढक्कन खोलवाकर पाइप के अंदर की स्थिति देखी।
बता दें कि 13 वर्ष पूर्व शहर में सीवर योजना की शुरुआत हुई। उस समय एसटीपी की जमीन न मिलने के कारण यह योजना अधर में लटकी रही। हालांकि शहर में सीवर पाइप से लेकन अन्य निर्माण में धांधली के मामले सामने आते रहे। जांच टीम में एक्सईएन सुलेमान खान, एई प्रेमचन्द, दिनेश मिश्रा आदि रहे।