माघ कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर महिलाओं ने गणेश चतुर्थी व्रत रखा। इस दौरान व्रती महिलाओं ने स्नान कर व्रत रखा। वहीं शाम को नए वस्त्र धारण कर महिलाओं ने मंदिरों एवं अपने घरों पर गणेश जी के प्रतिमा के समक्ष पूजन-अर्चन किया तथा कथा श्रवण कर पुत्र के दीर्घायु की कामना की।
माघ कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाये जाने वाला गणेश चतुर्थी व्रत रविवार को मनाया गया। पूरे दिन व्रत रखने के बाद व्रती महिलाओं ने शाम को स्नान कर नए वस्त्र धारण कर मंदिर व घरों में गणेश की प्रतिमा के समक्ष पूजन-अर्चन किया। इसके बाद कथा का श्रवण किया। तत्पश्चात चंद्रोदय होने के बाद चंद्र को अर्घ्य देकर पुत्र के दीर्घायु होने की कामना की। वहीं अपने से बड़ों का पैर छूकर आशीर्वाद लिया। तत्पश्चात प्रसाद ग्रहण किया।