हल्दी। थाना परिसर में करीब चार दशक पहले बनाए गए गुंबदनुमा कमरे को तुड़वाने वाले थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह को शनिवार को पुलिस अधीक्षक राजकरण नय्यर ने हटा दिया। उन्हें पुलिस लाइन से संबद्ध किया गया है। हालांकि, यह कार्रवाई थानाध्यक्ष पर आजमगढ़ में चल रही एक जांच के संबंध में की गई है, लेकिन क्षेत्र के लोग इसे कमरा तुड़वाने से जोड़कर देख रहे हैं।
वर्ष 1981 में तत्कालीन थानाध्यक्ष ने थाना परिसर में बैठने के लिए एक गुंबदनुमा हवादार कमरा बनवाया था। कमरे में बैठने के अगले ही दिन वह सस्पेंड हो गए थे। कुछ समय बाद कमरे में बैठने वाले दूसरे थानाध्यक्षों पर भी कार्रवाई हुई। तब से पुलिस विभाग में एक भ्रांति फैल गई कि उस कमरे में बैठने वाला पुलिसकर्मी अगले ही दिन निलंबित हो जाता है। तब से कोई पुलिसकर्मी उसमें बैठने की हिम्मत नहीं जुटाता था। कमरा जर्जर हो गया था। थाने के मुख्य द्वार और कार्यालय के बीच यह कमरा होने के कारण पुलिसकर्मियों को काफी असुविधा होती थी। थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने उस गुंबदनुमा कमरे को गत 26 जुलाई को जेसीबी मशीन से तुड़वा दिया था। एक माह के भीतर उन पर भी कार्रवाई हो गई है। इसे लेकर फिर से चर्चा होने लगी है।