बलिया। परिवहन विभाग द्वारा स्लॉट कम करने से अब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा। लर्निंग में आवेदकों को 23अप्रैल के बाद की तारीख मिल रही है। कोरोना काल में लर्निंग लाइसेंस का स्लॉट कम करने से आवेदकों के सामने मुश्किल खड़ी हो गई है। पहले जहां आरटीओ में 90 लाइसेंस रोजाना बनाए जा रहे थे, अब इनकी संख्या 51 कर दी गई है। इस कारण आवेदकों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इसके अलावा स्थायी लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले लोगों को भी दो माह बाद यानि दो मई का समय मिल रहा है। पहले करीब 130 स्थाई लाइसेंस बनाए जा रहे, जिनकी संख्या अब 54 पर सिमट कर रह गई है।
दो फरवरी को लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने वालों को टेस्ट के लिए 23 अप्रैल तक की तारीखें दी जा रही है। यही स्थिति स्थायी लाइसेंस में बन रही है। उसी तिथि में स्थाई लाइसेंस के लिए आवेदन करन पर दो मई का डेट विभाग द्वारा दिया जा रहा है। दोनों लाइसेंस को मिलाकर अब 105 लाइसेंस ही बनाए जा रहे हैं। आरआई राजभूषण चौधरी ने बताया कि डीएल में वेटिंग बढ़ रही है। स्थायी लाइसेंस में भी टेस्ट के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। हालांकि विभाग द्वारा लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदकों को एआरटीओ कार्यालय का चक्कर लगाने की बजाय ऑनलाइन आवेदन की सुविधा दी गई है, लेकिन स्लाट कम होने और लंबा समय मिलने से आवेदकों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
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एक सौ वाहनों पर लग रही एचएसआरपी
परिवहन विभाग द्वारा वाहनों के फर्जी नंबर प्लेट पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से प्रतिदिन करीब एक सौ वाहनों पर एचएसआपी नंबर प्लेट लगाया जा रहा है। इसके अलावा औसतन 15 वाहनों का फिटनेस परीक्षण कराया जा रहा है।
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800 स्कूली वाहनों को नोटिस
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी अरुण राय ने बताया कि जिले में बड़ी तादाद में स्कूली वाहनों का फिटनेस फेल है। इसको लेकर आठ सौ स्कूली वाहनों को नोटिस भी जारी किया गया है। एआटीओ ने बताया कि फिटनेस फेल होने वाले स्कूली वाहन एक सप्ताह के अंदर अपना फिटनेस जांच नहीं कराते है तो उनके खिलाफ कड़ी कारवाई की जाएगी।
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