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छह आक्सीजन प्लांट हुए शुरू, एक निर्माणाधीन

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कोरोना काल उपजे हालात को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को आठ आक्सीजन प्लांट, 100 बेड का प्री फैब्रिकेटेड अस्पताल, वैंटीलेटर, आक्सीजन कंसट्रेटर, आक्सीजन सिलिंडर जैसी संजीवनी तो मिली, लेकिन चिकित्सकों और आपरेटों के अभाव के कारण में इसमें कई सुविधाएं अभी तक आधी-अधूरी पड़ी हुई हैं। हालांकि इतना तय है कि कोरोना जैसी विभीषिका आने पर जनपद आक्सीजन और अस्पतालों की कमी जैसी समस्याओं से नहीं जूझेगा।
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कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के बगल में करीब 44 लाख की लागत से आक्सीजन जेनरेटर मशीन को स्थापित किया गया है। इसकी क्षमता प्रति मिनट 200 लीटर है, जबकि एक घंटे में करीब 12 हजार लीटर है। इस आक्सीजन प्लांट से इमरजेंसी वार्ड में 50 बेड के बने कोविड वार्ड के मरीजों को बेड पर ही आक्सीजन उपलब्ध हो रहा है। नया आक्सीजन जेनरेटर यूनिट नए अस्पताल परिसर में करीब 40 लाख रुपए की लागत से स्थापित हुई। इस आक्सीजन यूनिट से करीब 500 प्रति लीटर आक्सीजन प्राप्त होता है। हालांकि आपरेटर के अभाव और प्रेशर की समस्या से ये बंद पड़ा है। इसके साथ ही महिला अस्पताल में भी आक्सीजन प्लांट लगाया गया है। सीएचसी सीयर परिसर में भी करीब 44 लाख रुपये की लागत से आक्सीजन जेनरेटर मशीन स्थापित हुआ है। इसी प्रकार सीएचसी अगउर में करीब 54 लाख की लागत से आक्सीजन जेनरेटर प्लांट स्सेथापित होना है। अभी तक निर्माण ने गति नहीं पकड़ी है। सीएचसी सोनबरसर परिसर में करीब 60 लाख रुपए की लागत से आक्सीजन जेनरेटर यूनिट स्थापित हुई है। कोविड अस्पताल बसंतपुर में करीब 44 लाख रुपए की लागत से आक्सीजन जेनरेटर यूनिट स्थापित हुई है। इससे 55 बेड पर भर्ती मरीजों को लाभ मिलेगा। इसी प्रकार कोविड अस्पताल फेफना में भी करीब 44 लाख की लागत से आक्सीजन जेनरेटर यूनिट स्थापित है। 75 बेड पर भर्ती मरीजों को लाभ मिलेगा। अगर सब कुछ ठीक ठाक रहा तो जनपद में कोरोना की चौथी लहर से पहले आठ आक्सीजन जेनरेटर प्लांट आरम्भ हो जाएंगे।
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