नीबू कबीरपुर और उससा में बुधवार को दो और किसानों की फसल की बर्बादी देख सदमे से मौत हो गई। अब तक जिले में कुल छह किसानों की मौत हो चुकी है।
कोतवाली क्षेत्र के नीबू कबीरपुर निवासी किसान भिखारी राजभर (60) बुधवार सुबह कटी फसल देखने के लिए खेत पहुंचे। खेत में रखे गेहूं के बोझ में काली बालियों को देख वह चिंतित हो गए। आसमान में छाए बादल और बूंदाबांदी देख वह और परेशान हो गए। इसी दौरान उनके सीने में दर्द शुरू हो गया और घर लौटते समय वह रास्ते में गिर पड़े।
जानकारी होने पर लोगों ने आनन-फानन में प्राइवेट चिकित्सक के यहां पहुंचाया, जहां उनको मृत घोषित कर दिया गया। गांव के प्रधान वीरेंद्र राजभर ने एसडीएम रसड़ा अनिल कुमार मिश्र को सूचना दी। मौके पर पहुंचे एसडीएम ने पीड़ित परिवार को सरकार से मिलने वाली आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।
भिखारी के पुत्र आनंद राजभर और वकील राजभर ने बताया कि जब से बारिश और ओलावृष्टि हो रही है, तब से उनके पिता जी चिंतित थे। मंगलवार की रात में बूंदाबांदी देखकर वह बहुत परेशान हो गए थे। जब वह सुबह खलिहान गए तो यह घटना हो गई।
पूर प्रतिनिधि के अनुसार पकड़ी थाने के उससा गांव निवासी चंद्रिका राजभर (54) बुधवार शाम को खेत गया था। फसलों की तबाही देख वह वहीं बेहोश हो गया। आसपास के लोगों ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरपुर पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
जनपद में फसलों की बर्बादी देख सदमे से यह छठवीं मौत है। चंद्रिका राजभर की बेटी की शादी पांच जून को तय है। घटना की सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को दे दी गई है। थानाध्यक्ष शरद चंद्र त्रिपाठी ने घटनास्थल पर पहुंच स्थिति का जायजा लिया।