बैरिया। दीपावली की भोर में गोपालनगर टाड़ी के सात लोगों के मकान सरयू नदी की लहरों में विलीन हो गए। छह लोगों के पक्के मकान कटान के मुहाने पर हैं। इससे बस्ती में भगदड़ की स्थिति बनी हुई है।
सोमवार की सुबह लोग मकानों को दीपावली के लिए झालर आदि से सजाने में लगे थे। इस बीच कटान शुरू हो गई। गोपालनगर टाड़ी के बेचू यादव का पक्का मकान नदी की लहरों में समा गया। भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। लोग अपने सामान को समेटने में लग गए। तब तक सविता देवी, कविता देवी, रामावती देवी, निरजु देवी, सबिता देवी व ज्योति देवी का मकान सरयू नदी में विलीन हो गया।
राजकुमारी देवी, रामवती देवी, सुनीता देवी, सुमन देवी, गुलाबी देवी, पिंकी देवी, सुनीता देवी के मकान का आधा हिस्सा कटने के बाद नदी में लटका हुआ है। वहीं, राजदेव यादव, मंतोष यादव, राजनाथ यादव, स्वामीनाथ यादव, राजकिशोर यादव व लक्ष्मीना देवी का मकान कटान के मुहाने पर है। दूसरी तरफ गोपालनगर व वशिष्ठ नगर के सिवान पर भी लगातार तेजी से कटान हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है अगर तत्काल कटान रोधी कार्य नहीं शुरू कराया गया तो गोपाल नगर व वशिष्ठ नगर के अस्तित्व पर भी खतरा उत्पन्न हो जाएगा। इस संदर्भ में बाढ़ खंड के सहायक अभियंता आकाश यादव ने बताया की कटान रोधी कार्य का प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को स्वीकृत के लिए भेजा गया है। स्वीकृत होने के बाद यहां कटान रोधी कार्य कराए जाएंगे।
गोपालनगर टाड़ी के 55 कटान पीड़ितों के घर दीपावली का पर्व नहीं मनाया गया। कटान पीड़ितों ने कहा हमारे परिवार की खुशियों को सरयू मैया ने अपने लहरों में बहा ले गई है। अब शासन-प्रशासन कोई पूछने वाला नहीं है।
बैरिया क्षेत्र के गोपालनगर टाड़ी गांव में कटान में बचा मकान का अवशेष भाग को ठोकर मारती सरयू नदी