जिला कारागार में रविवार को जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की संयुक्त छापेमारी में एक बंदी के पास मोबाइल सिम और चार्जर मिलने से हड़कंप मच गया। डीएम ने संबंधित कैदी के खिलाफ न सिर्फ कार्रवाई का आदेश दिया बल्कि जेल में बाहर से खाद्य सामग्री और अन्य चीजें जाने पर जेल अधीक्षक को फटकार भी लगाई।
जिलाधिकारी मुरली मनोहर लाल और पुलिस अधीक्षक राजूबाबू सिंह के नेतृत्व में प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने रविवार को जेल के कई बैरकों में छापेमारी की। एक-एक बैरकों को बारीकी से चेक किया गया। अफसरों की इस कार्रवाई से बंदियों व जेल अफसरों में हड़कंप की स्थिति रही। करीब चार घंटे तक चली छानबीन में पुलिस एवं प्रशासनिक अफसरों को एक बंदी के पास एक सिम व एक चार्जर मिला। उस बंदी के खिलाफ जिलाधिकारी ने कार्रवाई का आदेश दिया।
उन्होंने जेल अधीक्षक से स्पष्ट कहा कि जेल में किसी भी हालत में कैदियों के पास मोबाइल का मिलना ठीक नहीं है। निरीक्षण के बाद बाहर निकलते वक्त डीएम ने जब बंदियों के परिवार वालों को हाथ में सामान लिए देखा तो उन्होंने जेल अधीक्षक को निर्देश दिया कि किसी भी हालत में बाहर की खाद्य सामग्री अंदर नहीं जानी चाहिए। उन्होंने रुपये के बल पर बंदियों की मिलनी कराने पर भी जेल अधीक्षक को फटकारा।
सूत्रों की मानें तो जिला कारागार में काफी दिनों से मोबाइल के इस्तेमाल की सूचनाएं आ रही थीं, लेकिन जब तलाशी ली गई तो महज एक मोबाइल सिम और एक चार्जर का मिलना यह दर्शाता है कि कहीं न कहीं कुछ दाल में काला है।