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ग्राम प्रधान के अधिकार सीज, तीन सदस्यीय समिति करेगी कार्य

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रसड़ा। जिलाधिकारी ने विकास खंड के सरायभारती के प्रधान गीता सिंह के प्रशासनिक अधिकारों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा कर त्रिस्तरीय समिति गठित कर विकास कार्यो को संचालित करने का निर्देश दिया है। सरायभारती गांव में कूटरचित कर एक करोड़ से अधिक धनराशि के गबन करने के आरोप में प्रधान एवं प्रधानपति, पूर्व ग्राम पंचायत अशिकारी समेत सात लोगों पर मुकदमा पंजीकृत था।
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उपजिलाधिकारी के निर्देश पर ग्राम सचिव सूर्य प्रकाश यादव की तहरीर पर पुलिस ने ग्राम प्रधान गीता सिंह प्रधान पति रामरज सिंह उर्फ मोहन सिंह, रोजगार सेवक लालसा देवी उनके पति हरेंद्र तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी अरविंद यति, अवधेश शर्मा पुत्र रामदरश शर्मा के खिलाफ केस पंजीकृत था। इन पर बाबा ईंट उद्योग से प्रपत्रों की कूटरचना कर दस्तावेजो में हेराफेरी कर कूट रचित कर 2016 - 17 से ही 2019 से 2020 तक एक करोड़ आठ लाख चालीस हजार सात सौ साठ रुपया के गबन का आरोप था। गांव के अरविंद यादव,भोला यादव, जंग बहादुर यादव, वैकुंठ तिवारी, नसीम अहमद, संजय खरवार, रामअवध यादव आदि ने सरकारी धन के बंदरबांट का आरोप लगाया था। इस पर मंडलायुक्त एवं जिलाधिकारी के निर्देश पर उपजिलाधिकारी विपिन कुमार जैन, खण्ड विकास अधिकारी प्रभात कुमार सिंह, एडीओ पंचायत ज्ञान प्रकाश पांडेय, एडीओ कोऑपरेटिव विजेंदर यादव, एडीओ एजी रमाशंकर यादव सहित अन्य अधिकारियो ने 29 जनवरी को गांव में कराये गये कार्यो का स्थलीय निरीक्षण किया था। इसमे अनेक कार्यो में भारी अनियमितता पाई गई । अधिकांश काम तो धरातल पर ही नहीं दिखे। शौचालय, आवास, नाली, खडंजा आदि में भी भारी अनियमितता देखने को मिली थी। काफी दिनों से लूट खसोट एवं सरकारी धन की बंदरबांट देख अधिकारी हैरान दिखे। यहां तक कि विगत दो वर्षों का प्रिया साफ्ट में विकास कार्यो का कार्य भी दर्ज नहीं था। इस कार्रवाई से विकास कार्य अवरुद्ध था। प्रधान के वित्तीय अधिकारों को रोक लगाकर तीन सदस्यीय टीम गठित किये जाने की मांग ग्राम वासियों द्वारा की जा रही थी।
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