नरहीं। वीर कुंवर सिंह सेतु से गंगा नदी में गिरी स्काॅर्पियो को बक्सर पुलिस और प्रशासन की ओर से रेस्क्यू कर निकाल लिया गया। इसमें बैठे दोनों युवकों के शव भी खोज लिए गए। इसमें चार घंटे लग गए।
शुक्रवार की रात बक्सर की ओर से आ रही तेज रफ्तार काले रंग की स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर पुल की 18 फीट की रेलिंग तोड़ते हुए गंगा नदी में गिर गई थी। देर रात तक बक्सर पुलिस और प्रशासन की ओर से रेस्क्यू अभियान चलाया गया। चार घंटे बाद वाहन को नदी से निकालने में सफलता मिली। एक युवक का शव बरामद हुआ। वहीं, शनिवार को एसडीआरएफ की टीम ने चार किमी दूर दूसरे युवक का शव भी बरामद किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वीर कुंवर सिंह सेतु पर काले रंग की स्कॉर्पियो, जिस पर ‘’राजपूताना’’ लिखा हुआ था, तेज़ गति से आ रही थी। अचानक नियंत्रण बिगड़ा और रेलिंग तोड़ते हुए वाहन सीधे नदी में समा गया। गाड़ी में सवार दोनों युवक बक्सर जिले के सिमरी थाना क्षेत्र के दुल्लहपुर गांव के थे।
रात करीब 11:30 बजे एसडीआरएफ की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद स्कॉर्पियो की आगे बाईं सीट से अर्जुन सिंह उर्फ झामू (22) का शव बरामद किया। अर्जुन, संजय सिंह का पुत्र था। उसे मृत अवस्था में देख गांव और परिवार में कोहराम मच गया।
वहीं, स्कॉर्पियो चला रहे युवक सावन उर्फ हर्ष (22) पुत्र शशि सिंह का शव शनिवार को चार किलोमीटर दूर धूमराय के पूरा गांव के सामने मिल गया है।
रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन : हादसे की सूचना मिलते ही बक्सर प्रशासन हरकत में आ गया। जिलाधिकारी विद्यानंद शर्मा, पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य, एसडीएम अविनाश कुमार, डीएसपी धीरज कुमार और सदर अंचलाधिकारी प्रशांत शांडिल्य मौके पर पहुंच गए। देर रात तक घटनास्थल पर मौजूद रहे। करीब 2 बजे दो बड़ी क्रेनों की मदद से डूब चुकी स्कॉर्पियो को गंगा से बाहर निकाला गया। वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त था।
सुबह ग्रामीणों का फूटा आक्रोश, सड़क जाम: शनिवार सुबह 9 बजे घटनास्थल के पास मौजूद ग्रामीणों ने प्रशासन पर रेस्क्यू में देरी का आरोप लगाते हुए सड़क जाम कर दिया। लोगों का कहना था कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई होती तो संभवतः दूसरा युवक बच सकता था। हालांकि, प्रशासन के समझाने-बुझाने के बाद जाम हटा लिया गया।
गांव में शोक की लहर : दुल्लहपुर गांव में इस दर्दनाक हादसे से शोक है। अर्जुन सिंह की मौत ने पूरे गांव को झकझोर दिया है, वहीं सावन के परिजनों का भी बुरा हाल है। देर रात पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं बक्सर सांसद अश्वनी चौबे भी घटना स्थल पर पहुंचे थे।
घटना के समय से दूसेर दिन दोपहर तक लगी रही भीड़ : शुक्रवार की रात वीर कुंवर सिंह सेतु पर बड़ा हादसा होने के बाद मौके पर बक्सर प्रशासन के अलावा नरहीं पुलिस भी पहुंची। घटना स्थल बक्सर में था इसलिए पुल पर क्रेन को जाने के लिए भरौली गोलंबर की तरफ भारी वाहनों को रोकने के लिए लगाया गया गार्डर खोलकर क्रेन को घटनास्थल पर पहुंचाया गया। अंधेरा होने के कारण बक्सर प्रशासन ने 11 बजे रात में जनरेटर और लाइट का इंतजाम किया।
सवा दो बजे क्रेन की मदद से स्काॅर्पियो को बाहर निकाला गया। रेस्क्यू ऑपरेशन में चार घंटे लगे। हर्ष सिंह का शव गंगा नदी में तलाश करने में एसडीआरएफ की टीम को साढ़े पांच घंटे लगे। घटना के समय से लेकर शनिवार को दोपहर तक वीर कुंवर सिंह सेतु पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा रही। शनिवार की सुबह मृतक के परिजनों ने बक्सर गोलंबर पर एनएच 922 जाम किया तो घंटों बक्सर पटना मार्ग ठप हो गया। ट्रकों की लाइन लग गई।
नरहीं पुलिस ने भरौली गोलंबर के पास वीर कुंवर सिंह सेतु मार्ग पर बैरिकेडिंग कर दी। इससे अधिकांश वाहनों को नये पुल के सहारे आवागमन करना पड़ा। हर्ष सिंह अपने घर से मंगला भवानी दर्शन पूजन करने की बात कहकर घर से निकला था। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जब स्कार्पियो रेलिंग से टकराई उस समय उसकी स्पीड 80 से 100 के बीच रही होगी। गाड़ी गंगा नदी में गिरने के बाद भी पानी में इंडिकेटर जल रहा था। संवाद