बांसडीहरोड। थाना क्षेत्र के सलेमपुर गांव में आठ फरवरी 2020 को एक महिला संदिग्ध परिस्थितियों में झुलस गई थी। परिजनों द्वारा झुलसी महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां महिला की हालत गम्भीर देख चिकित्सकों ने वाराणसी के लिए रेफर कर दिया था। गुरुवार को महिला की मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने मृतका के पति दिनेश यादव की तहरीर पर गांव के ग्राम प्रधान सहित छह लोगों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में नामजद मुकदमा दर्ज कर छानबीन मेेें जुट गई। उधर, वाराणसी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतका के पति ने तहरीर में आरोप लगाया है कि आठ फरवरी को पैसे के लेन-देन में उनके सगे भाई राजेंद्र यादव, अनमोल यादव, छोटू यादव, माधुरी पुत्री राजेंद्र यादव, राधिका देवी पत्नी राजेंद्र यादव व ग्राम प्रधान सलेमपुर कैमुद्दीन अंसारी को लेकर साजिश के तहत मेरे दरवाजे पर लाठी डंडे व फाइटर लेकर पहुंच गए और गालियां देने लगे। आरोप है कि गाली देने से मना करने पर अनमोल यादव ने वार कर दिया जिससे मैं जमीन पर गिर गया। उसके बाद हमलावरों ने घर में घुसकर मेरी पत्नी उषा देवी 42 के शरीर के ऊपर मिट्टी तेल छिड़ककर आग लगा दी। जिससे पत्नी गंभीर रूप से जल गई थी। आनन फानन में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने वाराणसी के लिए रेफर कर दिया था। जिसकी इलाज के दौरान गुरुवार को मौत हो गई। मौत की जानकारी होते ही पुलिस ने आनन-फानन में ग्राम प्रधान समेत छह लोगों पर धारा 147, 148, 452, 323, 326, 504, 506 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन में जुट गई। दिनेश ने बताया उसने 12 फरवरी को ही तहरीर दे दी थी लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया था। इस बाबत बांसडीह सीओ दीप चंद्र ने बताया कि मृतका के पति की तहरीर पर ग्राम प्रधान सहित छह लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच की जा रही है, जो भी दोषी होगा उसके विरूद्घ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पट्टीदारों के भय से बच्चों संग मायके में रहती थी उषा
बांसडीहरोड । थाना क्षेत्र के सलेमपुर गांव निवासी दिनेश कुमार यादव का अपने भाईयों से जमीनी विवाद चलता था। इसको लेकर आए दिन पट्टीदार उसके परिवार को परेशान करते और मारते रहते थे। जिसकी सूचना पीड़ित ने तीन माह पूर्व ही बांसडीहरोड थाने में लिखित व मौखिक दी थी। लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। जिसका नतीजा रहा कि आठ फरवरी को दरिंदों ने घर में घुसकर महिला के शरीर पर मिट्टी का तेल उड़ेल कर जला दिया था। जिसकी मौत वाराणसी में गुरुवार को हो गई। मृतका की चार पुत्रियां क्रमश: गुडिया, अंतिमा, छोटी व नेहा है। मृतका के पिता बालेश्वर यादव ने बताया कि मेरा दामाद दिनेश चालक है। वह अपने पट्टीदारों के डर से अपने परिवार व बच्चों को मायके में छोड़कर जाता था। जब वह बाहर से आता था तो उन्हें गांव पर लाता था। उसे क्या पता था कि गांव ले जाने पर पट्टीदार उसकी पत्नी को जलाकर मार देंगे। मृतका के पिता ने दरिंदों के विरूद्घ कार्रवाई करने की मांग की।
मंडलायुक्त को पत्रक सौंप दारोगा, प्रधान समेत पट्टीदारों पर की कार्रवाई की मांग
बलिया। मृतका के पति दिनेश कुमार यादव ने शुक्रवार को कलेेक्ट्रेट सभागार में आई आजमगढ़ की मंडलायुक्त कनकलता त्रिपाठी को पत्रक सौंप न्याय की गुहार लगाई। पत्रक में आरोप लगाया है कि आठ फरवरी को पैसे के लेन-देन में उनके सगे भाई तथा उनके परिजन व ग्राम प्रधान सलेमपुर को लेकर साजिश के तहत मेरे दरवाजे पर लाठी डंडे व फाइटर लेकर पहुंचे और भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए मेरे घर में घुसकर मेरी पत्नी उषा देवी के शरीर पर मिट्टी तेल छिड़ककर आग लगाकर जला दिया। जिसकी वाराणसी में गुरुवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। आरोप लगाया कि बांसडीहरोड में तैनात दारोगा यशवंत सिंह द्वारा विपक्षी से पैसा लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिसका नतीजा रहा कि दारोगा की मिलीभगत से पट्टीदारों ने मेरी पत्नी को जलाकर मार दिया। पीड़ित ने दारोगा, प्रधान समेत पट्टीदारों पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने की गुहार लगाई।