बलिया/मझौवां/दया छपरा। गंगा के बाद सरयू ने भी रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। बृहस्पतिवार को डीएसपी हेड व मांझी में सरयू नदी खतरा बिंदु पार कर गई। एक सेमी प्रतिघंटा से जलस्तर बढ़ा। वहीं, गंगा का जलस्तर शाम चार बजे गायघाट गेज पर स्थिर हो गया है। शहर से सटे मिश्रनेवरी क्षेत्र के चाभी घाट के पास बने रिंग बंधे में बृहस्पतिवार की दोपहर गंगा के पानी का रिसाव होने लगा। बालू की बोरी को डालकर रिसाव को बंद किया गया।
गायघाट गेज पर बृहस्पतिवार की शाम 4 बजे गंगा नदी का जलस्तर 59.880 मीटर रिकाॅर्ड किया गया। गेज पर जलस्तर स्थिर बताई गई है। खतरा बिन्दु 57.615 मीटर व मीडियम फ्लड लेवल 58.615 मीटर है। गंगा नदी वर्तमान समय में खतरा बिंदु से 2.265 मीटर ऊपर बह रही है। यहां 2016 में सर्वाधिक जलस्तर 60.390 मीटर रिकाॅर्ड किया गया था।
रात में एनएच-31 पर बड़े वाहनों पर रोक : नरहीं। बाढ़ से प्रभावित गांवों के पीड़ितों ने एन एच- 31 पर शरण ली है। इसके मद्देनजर पुलिस ने रात में भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दिया है। थाना प्रभारी नदीम अहमद फरीदी ने बताया कि सीओ फहीम कुरैशी के निर्देश पर आदेश लागू किया गया है। एनएच-31 सड़क के किनारे बाढ़ पीड़ित तीरपाल डाल कर शरण लिए हुए है। ऐसे में दुर्घटना की आशंका बनी हुई हैं। इसे देखते हुए रात में भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दिया है।
लाल निशान से 22 सेमी ऊपर बह रही सरयू, प्रशासन हुआ अलर्ट : बेल्थरारोड। सरयू नदी बृहस्पतिवार की सुबह लाल निशान को पार कर गई। नदी खतरे के निशान से 22 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शाम चार की जलस्तर 64.23 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो लाल निशान 64.01 मीटर से 22 सेंटीमीटर अधिक है। आयोग का कहना है कि एक-एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। पिछले 24 घंटे के दौरान जलस्तर में 30 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। संवाद
राहत सामग्री का अभाव, पीड़ित परेशान : मझौवां। राहत कार्य में भी भारी कमी देखी जा रही है। सरकार और स्थानीय प्रशासन की तरफ से जब तक पर्याप्त राहत सामग्री नहीं पहुंचती, तब तक लोगों का जीवन और कठिन हो सकता है। नौरंगा निवासी संजय चौधरी ने लगातार प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं। उनका कहना है कि हमारे पास न खाना है, न पानी। अगर ये बाढ़ थोड़ा और बढ़ी, तो हमारी पूरी जिंदगी खत्म हो जाएगी।