बैरिया। राष्ट्रीय किसान मोर्चा के अध्यक्ष भाजपा सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से घोषित 20 लाख करोड़ की आर्थिक सहायता इस देश की अर्थ व्यवस्था के लिए संजीवनी प्रमाणित होगी। देशहित में यह कदम ऐतिहासिक व अभूतपूर्व है।
सोनबरसा स्थिति अपने संसदीय कार्यालय में शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में सांसद ने कहा कि जिस समय इंदिरा गांधी ने बैंकों का, उद्योगों का राष्ट्रीयकरण किया था, वह सही नहीं था बल्कि उस समय दत्तोपंत ठेंगड़ी ने सुझाव दिया था कि उद्योगों का मजदूरकरण, मजदूरों का राष्ट्रीयकरण व राष्ट्र का औद्योगीकरण होना चाहिए था। किंतु उस समय उनकी बातों को अनसुना कर दिया गया। अगर वैसा किया गया होता तो आज कोरोना संक्रमण के कारण जो मजदूरों का पलायन हो रहा है, वह नहीं होता। कहा कि कोरोना की महामारी ने भौतिकवादी परंपरा पर प्रहार किया है। भारत के जीवन पद्धति को बहुत अधिक प्रभावित नहीं करेगा, न ही इसका बहुत ज्यादा प्रतिकूल असर ही हमारे अर्थ व्यवस्था पर पड़ेगा, क्योंकि हमारे देश की अर्थ व्यवस्था कृषि पर आधारित है।