बलिया। बलिदान दिवस पर शहीदों की याद में जिले के स्कूलों और कॉलेजों में सोमवार को विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान अगस्त क्रांति के शहीदों को नमन करते हुए उनकी कुर्बानियां याद की गईं। शहीदों को सपनों को साकार करने का आह्वान किया गया।
बेल्थरारोड स्थित डीएवी इंटर कॉलेज के परिसर में बलिदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों को नमन किया गया। शहीदों के आदर्शों के अनुरूप राष्ट्र निर्माण का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रबंधक अनूप कुमार हेमकर ने ध्वजारोहण कर किया। इसके बाद प्रबंधक और उप प्रधानाचार्य रमेश कुमार ने शहीद स्तंभ पर पुष्पांजलि अर्पित की। कालेज के शिवनारायण सराफ सभागार में छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इस दौरान स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर कश्मीर में अनुच्छेद 370 और धारा 35ए हटाने से संबंधित अनेक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। प्रबंधक हेमकर ने बलिया की बलिदानी परंपरा का उल्लेख करते हुए स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार करने के लिए जुट जाने का आह्वान किया। इस मौके पर अमरनाथ मौर्य, रामप्रकाश, रामकुंवर प्रसाद, मदन यादव, ब्रजभूषण सिंह, अजय शर्मा, अभिनय यादव, राजेश यादव, अनिल राजभर आदि मौजूद रहे।
भोजपुरी लोककल्याण परिषद की ओर से आयोजित गोष्ठी में वक्ताओं ने शहीदों की कुर्बानियों को याद करते हुए उनके सपनों के अनुरूप सुखी, संपन्न और शक्तिशाली राष्ट्र निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया। वक्ताओं ने सन 1942 की अगस्त क्रांति का उल्लेख करते हुए कहा कि शहीदों के त्याग, समर्पण और संघर्ष की देन है कि देश आजाद होने के पांच वर्ष पूर्व ही बलिया को आजाद करा दिया जो स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित हो गया। इस मौके पर काशीनाथ जायसवाल, मनोज गुप्त प्यारे, देवेंद्र गुप्त, रवींद्रनाथ राजभर, अवधेश मद्धेशिया, धीरजलाल गुप्त आदि मौजूद रहे।
बांसडीह: अगस्त क्रांति को लेकर द्वारिका प्रसाद सिन्हा महिला महाविद्यालय के परिसर में किसान फ्रंट की ओर से गोष्ठी हुई। इसमें वक्ताओं ने अगस्त क्रांति की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पृष्ठभूमि एवं परिस्थितियों की चर्चा की। साथ ही वर्तमान समय की आर्थिक, सामाजिक व राजनैतिक परिस्थितियों में अगस्त क्रांति के महत्व को रेखांकित किया। अध्यक्षता कर रहे डॉ. हरिमोहन सिंह भारत के स्वतंत्रता संग्राम में बलिया की भागीदारी एवं तात्कालिक घटनाक्रमों पर प्रकाश डाला। इस मौके पर जनार्दन सिंह, अमृत आनंद, विपिन सिंह, डॉ रामानन्द यादव, शिवानंद वर्मा, आशुतोष सिंह, हसन जावेद आदि मौजूद रहे।
-----
क्रांतिकारियों की कुर्बानियां अविस्मरणीय
बलिया। नागाजी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज जीरा बस्ती में सोमवार को बलिदान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रधानाचार्य ज्ञानेंद्र पांडेय ने स्वतंत्रता की अलख जगाने वाले क्रांतिकारियों की कुर्बानियों का याद करते हुए कहा कि जब देश गुलामी की जंजीरों में जकड़ा था तब आज ही के दिन 19 अगस्त 1942 को बलिया के लोगों ने इसे आजाद घोषित कर दिया। इससे अंग्रेज क्रोधित हो गए और स्वतंत्रता सेनानियों को मौत के घाट उतार दिया। कुछ को कारागार में डाल दिया। वरिष्ठ आचार्य हरेद्र मिश्र ने कहा कि बैरिया थाना जलाकर हमारे वीर सेनानियों ने अंग्रेजों को यह संदेश दिया कि अब और गुलामी नहीं सहेंगे। इस अवसर पर संजय मिश्र, प्रमोद, राजकुमार यादव आदि उपस्थित रहे।
उधर, विनायक सामाजिक महिला सेवा संस्थान के पदाधिकारियों ने संध्या पांडेय के नेतृत्व में अमर शहीद मंगल पांडेय, चित्तू पांडेय, रामदहिन ओझा, मुरली बाबू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया गया। इसके बाद संस्थान के कार्यालय पर गोष्ठी हुई जिसमें क्रांतिकारियों की कुर्बानियों को याद किया गया।