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बीस साल से सड़क इंतजार

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बैरिया क्षेत्र में निर्माणाधीन रामबालक बाबा सेतु का एप्रोच मार्ग। - फोटो : BALLIA
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बैरिया। घाघरा के छाड़न पर रामबालक बाबा सेतु के एप्रोच मार्ग का निर्माण छह साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है। गड्ढों में तब्दील, उखड़-खाबड़ एप्रोच मार्ग से जान जोखिम में डालकर दियरांचलवासी आवागमन करते हैं। जबकि सेतु निर्माण का कार्य तीन साल पहले पूरा हो चुका है। आलम यह है कि उत्तरी दियरांचल के गांवों की करीब 50 हजार आबादी को मुख्यमार्ग से जोड़ने के प्रयास में 20 वर्ष का वक्त समाप्त हो गया लेकिन आज भी लोग परेशानी का दंश झेल रहे हैं।
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वर्ष 2001 में तत्कालीन विधायक भरत सिंह ने पूर्वांचल विकास निधि से रामबालक बाबा सेतु बनवाया था। इस साल बतौर कार्यदायी संस्था जिला पंचायत ने 22 लाख की लागत से पुल का निर्माण कराया था, लेकिन इस पुल का लोकार्पण भी नहीं हो सका और वर्ष 2002 में घाघरा नदी में पुल बह गया। वर्ष 2008 में तत्कालीन एमएलसी विक्रमादित्य पांडेय ने रामबालक बाबा सेतु निर्माण की कवायाद की और सेतु निगम ने चार करोड़ की लागत से घाघरा नदी के छाड़न पर रामबालक बाबा सेतु निर्माण कार्य शुरू किया। वर्ष 2010 में निर्माण कार्य तो पूरा हुआ लेकिन पुल का लोकार्पण भी नहीं हुआ और वर्ष 2010 में ही घाघरा नदी की बाढ़ में पुल बैंड हो गया। इससे विभाग द्वारा पुल को रिजेक्ट कर दिया गया। इसके बाद, 2015 में तत्कालीन विधायक जयप्रकाश अंचल के प्रयास से सेतु निगम ने 15 करोड़ रुपये की लागत से 212.03 मीटर लंबा और साढ़े सात मीटर चौड़ा रामबालक बाबा पुल निर्माण कार्य शुरू किया। पुल निर्माण कार्य वर्ष 2017-18 में पूरा कर लिया गया है लेकिन एप्रोच निर्माण का कार्य पीडब्ल्यूडी ने अब तक पूरा नही किया है। पीडब्ल्यूडी ने एप्रोच निर्माण के लिए मिट्टी की जगह बालू भरकर छोड़ दिया है। इससे दियरावासियों को आवागमन के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
कोट
एप्रोच निर्माण कार्य मऊ की फर्म प्रकाश कंस्ट्रक्शन को करना था लेकिन समय समाप्त होने के बाद भी निर्माण पूरा नहीं हो सका है। निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के लिए कई बार कहा गया लेकिन कार्य नहीं हुआ। - विकास सिंह, अवर अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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प्रयास किया जा रहा है कि एप्रोच का निर्माण पूरा कराया जाए। एप्रोच निर्माण कराने के लिए कार्रवाई चल रही है। - एसके सिंह, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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