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एक तरफ बन रही सड़क, दूसरी ओर हो रहा पैचवर्क

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एनएच-31 सागरपाली गांव के समीप पैबंद के लिए काटी गई सड़क। - फोटो : BALLIA
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बलिया। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 31 का निर्माण चल रहा है। बनने के साथ ही इस सड़क पर पैचवर्क भी शुरू हो गया है। बनने के महीने भर के भीतर कई जगह से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है।
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राष्ट्रीय राजमार्ग 31 सात साल से क्षतिग्रस्त था। इस पर चलना दूभर हो गया था। कई जगह तो सड़क का नामानिशान तक मिट गया था। जून 2020 में गाजीपुर से मांझी तक सड़क नए सिरे से बनाने का 102 करोड़ का ठेका जयपुर की एक कंपनी को दिया गया। डेढ़ वर्ष तक इस सड़क पर कोई काम नहीं हुई तो भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने एजेंसी को हटाकर नए सिरे से दिसंबर 2021 में ठेका जारी किया। गाजीपुर से मांझी घाट तक 115 किमी दूरी को तीन भागों में बांटकर ठेके जारी किए गए। गाजीपुर से फेफना तक 60 किलोमीटर, फेफना से चिरैयामोड़ तक 45 किलोमीटर और चिरैया मोड़ से मांझी के जयप्रभा सेतु तक 16 किलोमीटर के कार्य को अलग-अलग तीन एजेंसियों को 117 करोड़ रुपये में बनाने का काम सौंपा गया। तीनों ने काम भी शुरू कर दिया है। फेफना से चिरैयामोड़ के बीच की सड़क निर्माण होने कुछ ही समय बाद उखड़ने लगी। इस पर लोगों ने हंगामा किया तो उसको दोबार बनाया गया। ऐसी ही स्थिति अब फेफना से बलिया के बीच पैदा हो गई है। सड़क बनने के बाद कई जगह से उखड़ गई, जिस पर पैच वर्क कराया जा रहा है। वैना से सागरपाली के बीच दर्जनों स्थानों पर लेपन कार्य क्षतिग्रस्त हो गया है। कार्यदायी संस्था इस पर पैबंद लगा रही है। एनएचएआई के परियोजना निदेशक श्रीप्रकाश पाठक का कहना है कि मार्ग निर्माणाधीन है। सड़क निर्माण के बाद तीन वर्ष तक उसके रखरखाव की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था की है। कहीं भी सड़क के क्षतिग्रस्त होने पर वह मरम्मत कराएगी।
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