बलिया। दो वर्ष पहले शासन की ओर से अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग के 185 किसानों के खेतों में निशुल्क बोरिंग में अनियमितता के आरोप में शासन ने जिला समाज कल्याण अधिकारी अभय कुमार सिंह को निलंबित कर दिया है। आरोप है कि बिना कार्य कराए ही कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र जमा किया गया है। इस योजना में खेल होने की संभावना पर सीडीओ ने संबंधित एसडीएम से सत्यापन कराया तो कई जगह बिना बोरिंग कराए ही भुगतान का मामला सामने आया था। सीडीओ ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को संबंधित कार्यदायी संस्था व इसमें शामिल अन्य अधिकारियों पर मुकदमा कराने का निर्देश दिया था।
वर्ष 2019-20 में शासन की ओर से जिले के अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग के किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए उनके खेतों में निशुल्क बोरिंग करने का प्रावधान किया। शासन की ओर से जिले को कुल 185 अनुसूचित जाति व जनजाति किसानों के निशुल्क बोरिंग का लक्ष्य निर्धारित करते हुए नोडल विभाग समाज कल्याण को जिम्मेदारी दी। शासन की ओर से इस कार्य के लिए कुल 18.50 लाख की धनराशि भी जिला समाज कल्याण विभाग मुहैया कराते हुए बतौर कार्यदायी संस्था लघु सिंचाई विभाग को 85 व एकीकृत जनजाति सहकारी विकास लिमिटेड को 100 निशुल्क बोरिंग कराने की जिम्मेदारी दी। विभाग की ओर से इसके लिए प्रति निशुल्क बोरिंग 10 हजार की धनराशि भी कार्यदायी संस्थाओं को उपलब्ध कराई गई। लेकिन दो वर्ष बीतने बाद भी कार्य पूरा नहीं है। मामला संज्ञान में आने के बाद सीडीओ ने संबंधित तहसीलों के एसडीएम से सत्यापन कराया तो कई जगह धरातल पर बोरिंग नहीं मिले जबकि कागजों में बोरिंग कर कार्यपूर्ति प्रमाणपत्र भी जमा किए गए हैं। इसमें लाखों का गोलमाल सामने आने पर सीडीओ ने संबंधित कार्यदायी संस्था व इसमें संलिप्त अन्य अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने इसकी सूचना शासन को भी भेजा था।
समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित निशुल्क बोरिंग का सत्यापन कराया गया था। इसमें अनियमितता मिलने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ शासन से कार्रवाई हुई है।
-- प्रवीण वर्मा, सीडीओ, बलिया