बलिया। विश्वनाथ तिवारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नीरूपुर में तदर्थ सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत ब्रजेन्द्र बहादुर राय के विनियमितीकरण प्रकरण में जांच चल रही।
डीआईओएस मनोज कुमार मिश्र ने संयुक्त शिक्षा निदेशक, आजमगढ़ मंडल को भेजी रिपोर्ट में नियुक्ति से जुड़े अभिलेखों पर सवाल उठाए हैं। मर्चंट इंटर कॉलेज चितबड़ागांव के प्रबंधक और प्रधानाचार्य की ओर से उपलब्ध कराई गई रिपोर्ट के आधार पर नियुक्ति संबंधी दस्तावेजों को फर्जी और कूटरचित बताया गया है।
डीआईओएस की ओर से 18 अगस्त को भेजी गई रिपोर्ट के मुताबिक, मर्चंट इंटर कॉलेज चितबड़ागांव के प्रबंधक और प्रधानाचार्य ने 11 अगस्त को संयुक्त हस्ताक्षर से रिपोर्ट उपलब्ध कराई थी। इसमें स्पष्ट किया गया है कि ब्रजेन्द्र बहादुर राय की विद्यालय में कभी नियुक्ति नहीं हुई। उनके चयन के लिए न तो कोई विज्ञापन प्रकाशित किया गया और न ही साक्षात्कार हुआ। इसके अलावा प्रबंध समिति की ओर से नियुक्ति संबंधी कोई प्रस्ताव पारित किए जाने की जानकारी भी नहीं मिली। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि ब्रजेन्द्र बहादुर राय का नाम विद्यालय की कर्मचारी उपस्थिति पंजिका में दर्ज नहीं है और उन्होंने कॉलेज में कभी शिक्षण कार्य नहीं किया।
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हाईकोर्ट में दाखिल याचिका पर भी सवाल
रिपोर्ट में वर्ष 1993 में इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल रिट याचिका का भी उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, फर्जी प्रस्ताव और नियुक्ति पत्र तैयार कर याचिका दाखिल किए जाने का आरोप है, जिसमें ब्रजेन्द्र बहादुर राय को मर्चण्ट इंटर कॉलेज का सहायक अध्यापक बताया गया था।