बलिया। मरम्मत के लिए सरयू नदी पर बने भागलपुर पुल पर भारी वाहनों का आवागमन बाधित करने से 10 अनुबंधित बसों के पहिए रुक गए हैं। इससे रोडवेज की आय को भी चपत लग रही है। अब इन बसों का रूट बदल कर मऊ दोहरीघाट रूट से चलाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। ऐसे में रूट बदलने पर लोगों को किराए में भी अंतर हो सकता है।
दो दशक पूर्व सरयू नदी पर बना पुल जर्जर हो गया है। राज्य सेतु निर्माण निगम ने एक माह तक के लिए पुल पर भारी वाहनों का यातायात बंद कर दिया है। 12 जनवरी से 11 फरवरी तक पुल पर आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। पुल मार्ग बंद हो जाने से पूर्वी उत्तर प्रदेश का बिहार, बंगाल, असम आदि पूर्वोत्तर राज्यों से संपर्क टूट गया है। ऐसे में वाहनों को अब दूसरे मार्गों से अधिक दूरी तय करके गंतव्य की ओर जाना पड़ रहा है। पुल पर आवागमन प्रतिबंधित होने से रोडवेज की 10 अनुबंधित बसें भी खड़ी हो गई हैं। ये बसें बेल्थरारोड, देवरिया, गोरखपुर रूट पर चलाई जा रही थी। प्रभारी एआरएम राकेश श्रीवास्तव इन बसों को अब मऊ-दोहरीघाट होते हुए गोरखपुर तक चलाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। बसों के संचालकों की ओर से आदेश का इंतजार किया जा रहा है।