बलिया। पेपर लीक मामले में फर्जी तरीके से गिरफ्तार तीन पत्रकारों की रिहाई की मांग को लेकर संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा के बैनर तले डीएम कार्यालय परिसर में पत्रकारों का चल रहा क्रमिक अनशन बुधवार को सातवें दिन भी जारी रहा। आंदोलन के समर्थन में पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह भी पहुंचे और पत्रकारों की रिहाई तथा अफसरों के निलंबन की मांग की।
उन्होंने कहा कि मैं बधाई दे रहा हूं तीनों पत्रकार साथियों को जिन्होंने नकल विहीन परीक्षा के दावे की कलई खोल दी। इन पत्रकारों को पुरस्कार मिलना चाहिए लेकिन प्रशासन ने उन्हें जेल में डाल दिया है। सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों को बचाने का प्रयास कर रही है। सरकार के इशारे पर अधिकारी जेल में बंद पत्रकारों पर दमन नीति अपना रही है। लोकतंत्र का चौथा स्तंभ करोड़ों लोगों के आंख की रोशनी है। यह लोकतंत्र की आत्मा है, जिसे दबाया जा रहा है। सरकार मनमाने तरीके से हर किसी पर बुल्डोजर चला रही है। कहीं ऐसा न हो कि 2024 के चुनाव में यही बुल्डोजर उल्टा ही घूम जाय। पत्रकारों की इस लड़ाई में सभी विपक्ष दल हैं। पत्रकारों ने शराब, पशु तस्करी, बालू व मिट्टी खनन को उजागर किया, जिसके कर्ताधर्ता अधिकारी हैं।
पत्रकार आसिफ जैदी ने कहा कि सच को उजागर करने वालों का दमन किया रहा है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि ऐसे अफसरों से आमजन को न्याय क्या मिलेगा। बागी बलिया से निकली चिंगारी अब ज्वालामुखी के रूप ले चुकी है। पत्रकार मनोज चतुर्वेदी ने कहा कि संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा के द्वारा एक पखवाड़े से आंदोलन चलाया जा रहा है। जिसके समर्थन में बलिया ही नहीं पूरा प्रदेश व देश खड़ा हो गया है। हर वर्ग और हर तबका पत्रकारों के साथ खड़ा है। ग्रापए के जिलाध्यक्ष शशिकांत मिश्रा ने कहा कि डीएम ने अपनी काली करतूतों को छिपाने के लिए हमारे तीन निर्दोष पत्रकार साथियों को गिरफ्तार कर जेल में डालने का काम किया है। लेकिन हम भी जब तक हमारे निर्दोष पत्रकार साथी बिना शर्त रिहा नहीं हो जाते, तब तक हम चैन से बैठने वाले नहीं है। यह आंदोलन लगातार चलता रहा। आवश्यकता पड़ी तो पूरे प्रदेश में जेल भरो आंदोलन भी किया जाएगा। इसलिए अभी भी समय है प्रशासन चेत जाय और तीनों पत्रकारों को बाइज्जत रिहा करे। इस मौके पर अजय भारती, करूणा सिंधु सिंह, अखिलानंद तिवारी, रणजीत मिश्रा, मकसूदन सिंह, संजय तिवारी, अखिलेश यादव, मनोज चतुर्वेदी, मुकेश मिश्रा, अनिल अकेला, धनंजय सिंह, दिनेश गुप्ता, रवि सिन्हा, राजू दुबे, सन्नी, सनंदन उपाध्याय, विक्की गुप्ता, जितेंद्र उपाध्याय, कैलासपति मिश्रा, प्रभात पांडेय, धनंजय तिवारी, कृष्णकांत पांडेय, हसन खां, कंचन सिंह, विवेक जायसवाल, राजकुमार यादव, रोशन जायसवाल, रत्नेश सिंह, अमित कुमार, सुनील दादा, आलोक कुमार, जयराम अनुरागी, उपेंद्र, संजय सिंह, श्याम प्रकाश शर्मा, दिनेश गुप्ता, आसिफ जैदी, मुशीर जैदी समेत सैकड़ों पत्रकार, अधिवक्ता, व्यापारी, छात्रनेता आदि मौजूद रहे।