बलिया। चौथे चरण के लॉकडाउन में छूट मिलने के बाद बेपरवाह हुए लोग सतर्कता नहीं बरत रहे हैं जिससे कोरोना का संक्रमण बढ़ने का खतरा है। राशन, दवा की दुकानें हों या अस्पताल, हर जगह लोगों की भीड़ हो रही है। लोग न तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं और न ही बचाव के प्रति गंभीर नजर आ रहे हैं। बहुत से लोग बगैर मास्क के ही बाहर निकल रहे हैं। जिला प्रशासन ने लोगों को बार-बार बीस सेकेंड तक साबुन से हाथ धोने, नाक आंख न छूने, मास्क पहन कर ही बाहर निकलने और फिजिकल दूरी बनाने की अपील की है लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा है।
जिला प्रशासन ने जब से शर्तों के साथ आम दुकानों को खोलने और सड़कों पर वाहनों को जाने की अनुमति दी हैै, तब से लोग इसका दुरुपयोग करने लगे हैं। दो पहिया वाहन पर दो, तीन, कार में चार, तीनपहिया वाहन पर छह लोग सवार होकर जा रहे हैं। हालांकि लापरवाही को देखते हुए जिला प्रशासन ने नगर में ई-रिक्शा के संचालन पर रोक लगाई है। अस्पताल, बाजार और सब्जी मंडियों में सामाजिक दूरी का पालन नहीं हो रहा है। इससे खतरा बढ़ गया है।
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मास्क नहीं लगाने पर पांच सौ पर लग चुका है जुर्माना : कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रदेश सरकार ने मॉस्क न लगाने पर जुर्माना लगाने का आदेश दिया है। इसके बाद भी बहुत से लोग लापरवाही बरत रहे हैं। शासन के निर्देश पर पुलिस लोगों को मास्क लगाने के लिए प्रेरित कर रही है। इसकी जांच भी की जा रही है। पुलिस ने अबतक मास्क नहीं लगाने पर पांच सौ लोगों से जुर्माना वसूला है। यातायात निरीक्षक सुरेश चंद्र द्विवेदी ने बताया कि एक सप्ताह से अभियान चलाया गया है। लाकडाउन का उल्लंघन करने और मास्क न लगाने पर पांच सौ लोगों से जुर्माना वसूला गया है।
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ट्रेन में सामाजिक दूरी, बाहर मजदूर कर रहे धक्कामुक्की : महाराष्ट्र, गुजरात आदि स्थानों से ट्रेनों से आने वाले प्रवासी मजदूरों को ट्रेन में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए बैठाया जा रहा है। प्लेटफार्म पर दूरी बनाकर उनकी जांच की जा रही है लेकिन स्टेशन से बाहर निकलते ही बसों में सवार होते समय सोशल डिस्टेसिंग का पालन नहीं किया जा रहा है। मजदूर आपस में धक्कामुक्की करते नजर आते हैं। अबतक पॉजिटिव पाने वालों में प्रवासी मजदूर ही अधिक हैं। ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न होने से संक्रमण बढ़ने का खतरा है।
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अस्पतालों में भी उल्लंघन : जिले के सरकारी और निजी अस्पतालों में भी सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन हो रहा है। जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए ना तो कोई मुक्कमल व्यवस्था है और ना ही मरीजों की तादाद बढ़ने की स्थिति में कोई अग्रिम तैयारी। हालांकि जिले में तीस-तीस बेड के दो एल-वन ग्रेड के दो अस्पताल व पांच वेंटिलेटरों का एल-2 ग्रेड का एक अस्पताल है।
कोट
अधिकारियों को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ अन्य मानकों का पालन कराने का निर्देश दिया गया है। अगर कोई सुरक्षा उपायों को नहीं अपनाता है और लाकडाउन का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।- श्रीहरि प्रताप शाही, जिलाधिकारी