विजयादशमी पर रावण दहन की तैयारियां नगर से लेकर ग्रामीण इलाकों में चल रही है। जगह-जगह रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले बनाए जा रहे हैं। शनिवार को विजयादशमी के दिन असत्य रूपी रावण का अंत भगवान श्रीराम के हाथों होगा। जिले में 28 स्थानों पर रामलीला आयोजित हो रही है, जिसके तहत विजयादशमी के दिन पांच स्थानों पर रावण, मेघनाद व कुम्भकर्ण का पुतला का दहन होगा।
शहर कोतवाली के भृगु आश्रम मंदिर, जापलिनगंज (रामलीला मैदान), कदम चौराहा पर रामलीला का आयोजन होता है। जबकि फेफना के मटिही, चितबड़ागांव के नगपुरा व महरेव, हल्दी के हल्दी बगीचा टोला व रेपुरा, नरही में टुटवारी, गड़वार में बीका भगत का पोखरा, सहतवार के कुसौरीकला, सिकंदरपुर के कस्बा में जल्पाकल्पा स्थान, रसड़ा के श्रीनाथ बाबा पोखरा पर रामलीला आयोजित की जाती है। उधर, नगरा थाना के कस्बा, ताड़ीबड़ागांव, सलेमपुर, सराय बगडोरा, डीहवा तथा भीमपुरा थाना के शाहपुर टीटीहा, बरौली, खरौदी, उधरन, चरौवा में रामलीला आयोजित की जाती है। जबकि उभांव थाना के बेल्थरा कस्बा, बनकरा, शाहपुर अफगा, बेल्थरा बाजार रामलीला मैदान व हबसापुर में रामलीला आयोजित की जाती है।
विजयादशमी के दिन रावण व कुम्भकरण का पुतला दहन शहर कोतवाली के रामलीला मैदान (जापलिनगंज) व भृगु आश्रम मंदिर में किया जाता है। जबकि भीमपुरा के बरौली, नगरा के कस्बा, रसड़ा के श्रीनाथ बाबा पोखरा पर रावण व कुम्भ का पुतला दहन किया जाता है। शेष रामलीला में कुछ में अलग-अलग तिथियों पर दहन होता है। अन्य में नहीं होता है। वर्तमान में रावण, कुम्भकरण व मेघनाथ का पुतला व पटाखा लगाकर लगभग 75 हजार से एक लाख रुपये कीमत बताई जा रही है। पुतला को बनाने के लिए बंगाल और बिहार के कारीगार भी आते हैं, जिसे तैयार करने में चार से पांच दिन लगते हैं।