वाराणसी-छपरा रेल खंड के छाता 11 नंबर रेलवे क्रासिंग समीप 53/5 किलोमीटर खंभा के पास गुरुवार की सुबह रेलवे ट्रैक चटक गया। पेट्रोलिंग कर रहे की मैन की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया। ट्रैक की मरम्मत के दौरान करीब आधा दर्जन ट्रेनों को कॉशन पर गुजारा गया। दोपहर एक बजे ट्रैक दुरुस्त हुआ तो ट्रेनों की रफ्तार बढ़ी।
गुरुवार को सुबह साढ़े आठ बजे ट्रैक पर पेट्रोलिंग कर रहे की-मैन वंश बहादुर की नजर चटके ट्रैक पर पड़ी तो उसके होश उड़ गए। आनन-फानन में उसने इसकी सूचना गेटमैन विक्रम कुमार को दी। जिस पर गेटमैन ने ट्रैक टूटने की सूचना स्टेशन मास्टर बांसडीहरोड को दी। स्टेशन मास्टर संतोष वर्मा ने ट्रैक चटकने की सूचना कंट्रोल सहित विभागीय अधिकारियों को दी तो हड़कंप मच गया। तुरंत वरिष्ठ रेल पथ निरीक्षक एके प्रजापति कर्मचारियों को लेकर मौके पर पहुंचे और ट्रैक को दुरुस्त कराने का काम शुरू किया।
इस दौरान छपरा लखनऊ अप एक्सप्रेस, रक्सौल दिल्ली एक्सप्रेस अप, छपरा वाराणसी अप पसिंजर ट्रेन, बलिया सियालदह डाउन एक्सप्रेस, फरुखाबाद छपरा डाउन एक्सप्रेस सहित वाराणसी छपरा डाउन पैसेंजर ट्रेनों को कॉशन पर दस किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से गुजारा गया। दोपहर एक बजे तक टूटे ट्रैक को पूरी तरह ठीक कर दिया गया। इसके बाद ट्रेनों को उनकी गति से गंतव्य को रवाना किया गया। इस बाबत स्टेशन अधीक्षक संतोष वर्मा ने बताया कि ट्रैक को विभाग द्वारा ठीक करा दिया गया है।