फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक किमी पर 98 लाख का प्रावधान, एक महीने में ही बिगड़ने लगी सड़क

विज्ञापन
एन एच 31 बैरिया मांझी मार्ग पर नटराज पेट्रोल पंप के समीप फटा पिच। - फोटो : BALLIA
विज्ञापन
बलिया। तमाम प्रयास के बावजूद जिले में सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता को लेकर विभागीय अधिकारी उदासीन बने हुए हैं। इसके चलते, कई सड़कें बनने के बाद ही क्षतिग्रस्त हो जा रही हैं। एक माह पहले एनएचएआई की ओर से एनएच 31 के मरम्मत कार्य शुरू कराया गया, जो अभी चल रहा है। प्रति किलोमीटर 98 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं लेकिन कई स्थानों पर सड़क बिगड़नी शुरू हो गई है। कई बार ग्रामीणों की ओर से सड़क निर्माण में मानक की अनदेखी का आरोप भी लगाया गया।
विज्ञापन

सात वर्षों के लंबे इंतजार के बाद एनएचएआई ने एनएच 31 के पुनर्निर्माण के लिए दिसंबर 2021 में टेंडर प्रक्रिया पूरा किया। विभाग ने गाजीपुर से मांझी घाट तक की दूरी को तीन भाग में बांटते हुए कार्य का आवंटन तीन एजेंसियों को किया है ताकि कार्य तेजी से पूरा हो। कुल 115 किलोमीटर की सड़क में गाजीपुर से फेफना तक 60 किलोमीटर, फेफना से चिरैयामोड़ तक 45 किलोमीटर और चिरैया मोड़ से मांझी के जयप्रभा सेतु तक 16 किलोमीटर का कार्य अलग-अलग एजेंसियों को आवंटित है। कुल 117 करोड़ रुपये का टेंडर आवंटित है जो प्रति किमी 98 लाख है। तीनों एजेंसियों का कार्य चल रहा है। लेकिन हर जगह एनएच 31 के पुनर्निर्माण में मानक की अनदेखी झलक रही है। फेफना से बलिया तक सड़क बनने के साथ ही कई जगह सड़क के टूट जाने के कारण पैचिंग की गई है। वहीं भरौली से लेकर बलिया तक अधिकांश जगहों पर सड़क बराबर नहीं बनी है और वाहन डगमगाते हुए चलते हैं। इस मार्ग में तेज रफ्तार में वाहन चलाना खतरा से खाली नहीं है। इसी तरह बैरिया से मांझी के बीच तो बनने के साथ ही कहीं पिच दरक गई है तो कहीं पूरी तरह पिच बेकार हो गई है। शुरुआत में ही फेफना में सड़क का निर्माण होते ही उखड़ जाने पर हो हल्ला मचा और फिर निर्माण कराया गया। लेकिन अभी भी सड़क पूरी तरह बराबर नहीं है।
गाजीपुर से लेकर मांझी घाट तक की सड़क बेहतर बनेगी। अभी निर्माण चल रहा है। दूसरे लेयर का कार्य भी जारी है। तीन वर्ष तक सड़क की निगरानी कार्यदायी कंपनियों को करनी है। इस बीच जहां भी सड़क खराब होगी, उसकी मरम्मत करनी होगी। लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी होगी। - श्रीप्रकाश पाठक, पीडी, एनएचएआई, आजमगढ़।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें