जिला कारागार के सामने धरने पर बैठे पुलिसकर्मी।
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बलिया। जिला कारागार में शनिवार को बंदीरक्षक व सजायाफ्ता कैदी के बीच हुई नोकझोंक से क्षुब्ध कारागार के बंदीरक्षक जेल के मेन गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। डीएम सौम्या अग्रवाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर नगर मजिस्ट्रेट और क्षेत्राधिकारी नगर को भेजा। दोनों अधिकारियों ने बंदीरक्षकों को समझाबुझाकर मामला शांत कराया।
हुआ यूं कि जेल में सजायाफ्ता कैदी और जेल अस्पताल के चिकित्सक का राइटर धनंजय पांडेय से शनिवार की सुबह करीब सात बजे एक बंदीरक्षक के बीच किसी बात को लेकर झड़प हो गई। इसकी सूचना बंदी रक्षक द्वारा जेलर राजेंद्र सिंह को दी गई, जहां आरोपी बंदी को तलब कर पूछताछ की गई और दुर्व्यवहार नहीं करने की हिदायत दी गई। इसके बाद मामला शांत हो गया। इसके बाद दिन में करीब दस बजे जेल के आरक्षियों ने मामले को लेकर जेल के प्रवेश द्वार पर धरने पर बैठ गए। इसकी जानकारी जब जिला प्रशासन को हुई तो हड़कंप मच गया। आनन-फानन में मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी पहुंचे और बंदीरक्षकों से बातचीत कर मामला शांत कराया।
जेल में किसी बात को लेकर सुबह एक बंदी और एक आरक्षी के मध्य झड़प हुई थी, जिसे जानकारी मिलते ही समाप्त करा दिया गया था। बंदीरक्षकों की मांग पर उस कैदी का बैरक बदल दिया गया है।
-राजेंद्र सिंह, जेलर, जिला कारागार