नगर के चित्तू पांडेय चौराहा स्थित सब्जी मंडी परिसर में सब्जी की खरीदारी करते लोग।संवाद
बलिया। जिले में हरी सब्जियों के दामों में उछाल आ गया है। इससे आम जनता की थाली से हरी सब्जी गायब होने लगी है। तरोई, नेनुआ, बोड़ा समेत हर सब्जियों का दाम आसमान छूने लगा है। जिले में सब्जियों की खेती सबसे अधिक बांसडीह, सोहांव, बेलहरी व बैरिया ब्लॉक में होती है।
ऐसे में गंगा सरयू की बाढ़ दो बार आने से फसलें नष्ट हो गई। वहीं उधर चक्रवात तूफान के कारण तीन दिन लगातार बारिश से खेतों में पानी भरने और सब्जियों के खराब होने से बाजार में आवक घट गई है। इसका सीधा असर दाम पर पड़ा है। हरी सब्जियों के अचानक बढ़े भाव ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। एक सप्ताह पहले तक जिन हरी सब्जियों की कीमतें सामान्य थीं, उनके दाम अब तेजी से बढ़ गए हैं।
सब्जी की खेती करने वाले हृदया नंद, सुनील व नंद लाल ने बताया कि मौसम की मार भी सब्जी की खेती पर हुई है। अभी गोभी की बोआई चल रही है। बारिश के कारण खेतों में पानी लगने से बोई गई सब्जियों की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अभी भी जलभराव के कारण बोआई मुश्किल हो गई है। इससे स्थानीय बाजारों में सब्जियों की आवक कम हो गई है। बाहर से आने वाली सब्जियों की कीमत और दुलाई खर्च बढ़ने से भी खुदरा भाव प्रभावित हुए हैं। मौसम सामान्य होने और खेतों से नई फसल की आवक बढ़ने के बाद कीमतों में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
विजय कुमार, कन्हैया, रमावती देवी व प्रभावित ने बताया कि सब्जियों के दामों में उछाल से मात्रा में कमी आ गई है। सस्ती के समय कई तरह की सब्जियों की खरीदारी की जाती थी। अब केवल एकाध हरी सब्जी रखा जा रहा है। महंगाई की वजह से घरेलू बजट बिगड़ने लगा है। संवाद