बलिया। शासन की फर्जी स्कूलों पर लगाम लगाने की तैयारी है। इसके लिए विद्यालयों का विवरण इकट्ठा किया जा रहा। इसी क्रम में विद्यालयों से भवनों की फोटो बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, विद्यालय या विद्यालय के पूर्व तथा वर्तमान छात्र-छात्राओं की उपलब्धियों की जानकारी मांगी जा रही है।
डीआईओएस कार्यालय ने विद्यालयों को जरूरी निर्देश भेज दिए हैं। शासन से विद्यालय मान्यता के मानक तय हैं। इनमें प्रमुख मानक भवन की उपलब्धता है। आरोप है कि पूर्व में अनेक विद्यालयों को मानक अपडेट किए बिना मान्यता मिल गई। शासन ने ऐसे विद्यालयों को मानक पूरा करने की समय सीमा तय कर दी। लेकिन निश्चित समय में भी मानक पूरे नहीं हुए। जिले में यूपी बोर्ड के मान्यता प्राप्त 607 विद्यालय हैं। डीआईओएस कार्यालय के अनुसार शासन ने जिले के माध्यमिक विद्यालयों को भवनों के फोटो पूर्ण विवरण के साथ माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर अपलोड करने को कहा है। विद्यालयों को स्थापना वर्ष, हाईस्कूल और इंटर की मान्यता मिलने का वर्ष, छात्र-छात्राओं की संख्या आदि सूचना अंकित करनी है। प्रभारी डीआईओएस अतुल तिवारी के अनुसार शासन के निर्देशानुसार जिले के सभी 607 माध्यमिक विद्यालयों के कार्यरत शिक्षकों का नाम, पता, मोबाइल नंबर, योग्यता, पढ़ाए जाने वाले विषय, योग्यता आदि करीब एक दर्जन बिंदुओं का डाटा परिषद की वेबसाइट पर अपलोड हो गया है। बताया कि इसके बाद वेबसाइट पर एक क्लिक से प्रदेश के विद्यालयों का अपडेट विवरण मिल सकेगा। इससे फर्जी स्कूल पकड़ में आ सकेंगे।
प्ले स्कूलों की कराएंगे जांच
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवनारायन सिंह ने बताया कि जनपद के शहरों में काफी संख्या में प्ले स्कूलों का संचालन हो रहा है। इसके संचालन के लिए कहीं से भी मान्यता लेने का नियम नहीं है। इन प्ले स्कूलों की संख्या साल दर साल बढ़ रही है। इन स्कूलों का संचालन कैसा हो रहा है। ग्रीष्मावकाश के बाद इन स्कूलों के खुलने पर उनकी जांच कराई जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जनपद में संचालित गैर मान्यता वाले विद्यालयों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।
स्कूलों को यह जानकारी भी देनी हैं
शासन ने हर विद्यालय की उपलब्धि की जानकारी मांगी है। यदि विद्यालय के पूर्व या वर्तमान छात्र-छात्राओं ने राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी विशिष्ट क्षेत्र जैसे चिकित्सा, वैज्ञानिक शोध, तकनीक, राजनीति में उपलब्धि हासिल की है तो वह भी परिषद की वेबसाइट पर अपलोड होनी है। उपलब्धि तथ्यों सहित अंकित होनी है। फीड किए डाटा की जांच होगी। प्रभारी डीआईओएस अतुल तिवारी ने बताया कि विद्यालयों को शासन के निर्देश का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।