बलिया। विद्युत चालित ट्रेनों का संचालन करने के लिए विद्युत विभाग ने रसड़ा में एक विद्युत उपकेंद्र बनाने की तैयारी में जुटा है। उत्तर प्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन लिमिटेड ने 12 करोड़ का डीपीआर बना लिया है और इसके लिए जमीन भी चिह्नित कर ली गई है। इस उपकेंद्र से सिर्फ ट्रेनों के संचालन के लिए बिजली की आपूर्ति की जाएगी। वर्तमान में बांसडीह रोड ट्रांसमिशन यूनिट से आपूर्ति की जाती है।
वाराणसी से छपरा तक दोहरीकरण परियोजना पर काम तेजी से चल रहा है। 2022 तक यह प्रोजेक्ट पूरा होने की उम्मीद है। बताया जाता है परियोजना के पूरा होने के बाद इस रेल खंड पर विद्युत चालित ट्रेनों का लोड बढ़ेगा। इसके बाद वर्तमान में बांसडीह रोड ट्रांसमिशन यूनिट पर लोड भी बढ़ेगा। इस लोड को कम करने की कवायद में विद्युत विभाग जुट गया है और रसड़ा में एक उपकेंद्र केवल ट्रेनों के संचालन के लिए बनाने की तैयारी में है। विद्युत वितरण संभाग की ओर से 12 करोड़ की लागत से इस उपकेंद्र को बनाया जाएगा। इसके बन जाने के बाद बांसडीह रोड से आपूर्ति काटकर रसड़ा के प्रस्तावित 33 केवी क्षमता के नए सब स्टेशन से जोड़ दिया जाएगा। इससे लंबी लाइनों की दूरी कम होगी। यहां से वाराणसी-छपरा रेलवे ट्रैक को ऊर्जा मिलेगी।मऊ के इंदारा जंक्शन से बलिया के फेफना रेलवे स्टेशन तक आपूर्ति की जाएगी। इसके लिए बजट आवंटित हो चुकी है। इस बाबत ट्रांसमिशन कारपोरेशन के अधिशासी अभियंता खालिद फजल ने बताया कि रसड़ा में विद्युत उपकेंद्र निर्माण कराया जाएगा। रेलवे ने धन आवंटित कर दिया है, जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।