बलिया। भारतीय डाक विभाग अपने सामाजिक दायित्व को लेकर यह सुनिश्चित करे कि पितृसत्तात्मक परिवार के लीक से हट कर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को धरातल पर उतारे और सुकन्या समृद्धि योजना से सभी शून्य से लेकर 10 वर्ष की बेटी को आच्छादित किया जाए। उक्त बातें डाक विभाग द्वारा गणेशी प्रसाद इंस्टीयूट ऑफ इंफार्मेशन टेक्नालॉजी के प्रांगण में आयोजित डाक महामेला में बतौर मुख्य अतिथि कृष्ण कुमार यादव (पीएमजी वाराणसी परिक्षेत्र) ने कही।
मुख्य अतिथि ने कहा कि अब डाक विभाग हाईटेक हो गया है। किसी भी पोस्ट ऑफिस में एक ही जगह सीएससी के माध्यम से 73 से अधिक सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। बचत, आवर्ती, सावधि खाते, सुकन्या समृद्धि, किसान विकास पत्र, एनएससी आदि के साथ आधार, प्रधानमंत्री फसल बीमा, ई श्रम कार्ड, रेलवे टिकट, डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट आदि सेवा एक ही छत के नीचे उपलब्ध है। डाक अधीक्षक संजय त्रिपाठी ने कहा कि जिले में 6 लाख से अधिक बचत खाते, एक लाख पच्चीस हजार आईपीपीबी के खातों के साथ 50 हजार से अधिक बेटियों के लिए सुकन्या समृद्धि खाते संचालित हो रहे हैं। सहायक डाक अधीक्षक प्रदीप कुमार पाठक ने दिसम्बर माह में 6000 सुकन्या समृद्धि योजना के खाते खोलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर कुछ बेटियों को एसएसए का पासबुक भी मुख्य अतिथि ने सौंपा तथा चुनिंदा ग्रामीण डाक सेवकों को भी उत्तम सेवा के लिए सम्मानित किया। इसके पूर्व नागाजी सरस्वती विद्या मन्दिर के छात्र शिवम मिश्र ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। इस अवसर पर अमित कुमार पाठक, मारुति नन्दन, राहुल रंजन सिंह, राजीव कुमार राय, उत्कर्ष सिंह, सर्वेश सिंह, अंगद यादव, रविन्द्र साह, अभय प्रकाश द्विवेदी, उमेश पांडेय, प्रत्यय राय, अरुण सिंह, संतोष गुप्ता आदि रहे। संचालन अजीत दूबे ने किया।
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