बलिया। जिले में रुक-रुक कर कोरोना संक्रमितों के मिलने को लेकर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। अभी बड़े पैमाने पर लोगों की जांच नहीं हो सकी है। जिले की कुल आबादी करीब 36 लाख है लेकिन कोरोना की जांच अब तक 3636 लोगों की ही हुई है। इसमें से 3232 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है जबकि 335 लोगों की रिपोर्ट आनी बाकी है। अगर जांच में तेजी आए तो और भी संक्रमित मिल सकते हैं और कोरोना पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
कोरोना संक्रमण को लेकर 68 दिनों तक लॉकडाउन लोगों को झेलना पड़ा। इसके बाद अनलॉक-1 भी लागू हुए 20 दिन हो गए लेकिन जांच की गति जोर नहीं पकड़ सका है। जनपद की कुल आबादी करीब 36 लाख है। लेकिन जांच के नाम पर अब तक मात्र 3636 लोगों की ही जांच हो सकी है। इतना ही नहीं सैंपलों की रिपोर्ट आने में भी कई दिनों का समय लग जा रहा है जिसके चलते लोग बेपरवाह हो जा रहे हैं और प्रशासन तब हरकत में आता है जब कोई पॉजिटिव मिलता है। आलम यह है कि अभी भी 335 लोगों की रिपोर्ट आनी बाकी है। हालांकि अब तक 3301 रिपोर्ट में केवल 70 लोग पॉजिटिव मिले और इसमें भी 59 लोग स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं, जो जिले के लिए राहत वाली बात है। उधर, जिला अस्पताल स्थित ट्रू नाट मशीन से 123 लोगों की जांच की गई। सवाल यह उठता है कि 36 लाख की आबादी पर मात्र 3636 लोगों का ही सैंपल लिया गया जो अपने आप में निराशाजनक है। स्वास्थ्य विभाग की मानें तो इतनी कम सैंपलिंग के पीछे मुख्य कारण संसाधन भी हैं। जितना देश व प्रदेश में संसाधन है, उसके हिसाब से सैंपलिंग प्रतिदिन की जा रही है।
कोट
जितना संसाधन शासन-प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराया गया है, उसके हिसाब से जिले से प्रतिदिन सैंपलिंग की जा रही है। यही हाल हर जिले का भी है।-डॉ. प्रीतम कुमार मिश्र, सीएमओ