फेफना/सागरपाली। क्षेत्र के सदानों-बदानों बाबा के मैदान में शुक्रवार को मगई नदी पर रामपुरचीट एवं बंजरपुर पीपापुल का उद्घाटन करने जा रहे पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी को सभा की अनुमति न होने का हवाला देकर नरही थाना के समीप रोक दिया गया। पूर्व मंत्री काफिले के साथ लौट गए। इसके बाद बसपा के युवा नेता उपेंद्र पांडेय ने फीता काटकर पुल का शुभारंभ किया। पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी को इस तरह रोके जाने पर राजनीतिक गलियारों में चर्चा हो रही है।
पूर्व मंत्री व बसपा नेता अंबिका चौधरी ने बताया कि रामपुरचीट के कार्यक्रम में जाने से रोकना शत-प्रतिशत राजनीतिक द्वेषवश किया गया कार्य है। वर्तमान में सत्ता पक्ष के विधायक व मंत्री ने चार साल में कोई विकास का कार्य नहीं किया है और उपेंद्र पांडेय की ओर से कराए जा रहे कार्य को देखकर उन्हें अपनी जमीन खिसकती दिख रही है। पूर्व मंत्री ने बताया कि पीपा पुल का निर्माण जन सहयोग से किया गया है। लोगों ने लकड़ी-मिट्टी इकट्ठा करके स्वयं श्रम करके पुल बनाया था। प्रशासन के इस कार्य से बसपा कार्यकर्ता और समर्थकों में भारी रोष है। एसडीएम सदर राजेश यादव ने बताया कि सरकारी मदद से बना पुल सरकारी होता है। किसी व्यक्ति को अपने खर्च से व्यक्तिगत तौर पर ही पुल को बनाना था तो बनाने के लिए पूर्व में संबंधित विभाग व सक्षम अधिकारी से अनुमति लेनी चाहिए थी, जो नहीं ली गई। उधर, बसपा के युवा नेता उपेंद्र पांडेय ने बताया कि संबंधित विभाग से अनुमति लेकर पुल को निजी खर्च पर बनाया गया है। आज के कार्यक्रम की भी सूचना दी गई थी।
गौरतलब हो कि पीपा पुल न होने के कारण दर्जनों गांवों के लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इसे लेकर क्षेत्रीय लोगों ने कई बार विधायक व मंत्रियों से गुहार लगाई, लेकिन पुल का निर्माण नहीं हो सका था। नदी पर पीपा पुल की मांग उस समय से की जा रही थी जब देश की बागडोर पूर्व पीएम चंद्रशेखर के हाथों में थी। क्षेत्रीय विधायक और प्रदेश के मंत्री उपेंद्र तिवारी से भी लोगों ने गुहार लगाई, लेकिन नतीजा सिफर रहा। बसपा के युवा नेता उपेंद्र पांडेय ने प्रयास कर पीपा पुल का निर्माण करा दिया।