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Ballia News: कामायनी एक्सप्रेस में बम की सूचना पर घंटों हलाकान हुई पुलिस

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बलिया। रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को कामायनी एक्सप्रेस ट्रेन में बम रखने की सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन घंटों हलाकान रहा। प्लेटफॉर्म पर खड़ी ट्रेन से यात्रियों को उतार कर वाशिंगपिट पर ले जाकर सीओ सिटी श्यामकांत, आरपीएफ, जीआरपी, कोतवाली पुलिस ने घंटों तलाशी ली। छपरा से पहुंचे डाग स्क्वाॅड ने पूरी ट्रेन की जांच की। कुछ नहीं मिलने पर तीन घंटे बाद ट्रेन रवाना हुई।
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प्रयागराज रेल प्रशासन को मेल पर कामायनी एक्सप्रेस ट्रेन में बैग में बम रखने का ई-मेल मिला। इस पर गोरखपुर जोन को सूचना दी गई। गोरखपुर कंट्रोल ने बलिया रेल प्रशासन को कामायनी में बम की जानकारी दी। इसके बाद रेलवे कर्मचारी, जीआरपी, आरपीएफ व जिला पुलिस मौके पर अलर्ट हो गई। प्लेटफाॅर्म संख्या तीन पर कामायनी एक्सप्रेस मुंबई जाने के लिए खड़ी थी। उसमें यात्री बैठ चुके थे। अधिकारियों ने साफ सफाई की बात कहकर ट्रेन को 20 मिनट में खाली करवा लिया। वाशिंगपिट के प्लेटफाॅर्म संख्या आठ पर ट्रेन खड़ी कराई गई। सूचना पर सीओ सीटी श्यामकांत, जीआरपी प्रभारी विवेकानंद व आरपीएफ उपनिरीक्षक जैनेंद्र कुमार मिश्र, कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने घंटों ट्रेन की तलाशी ली। कुछ नहीं मिलने पर छपरा से डाग स्क्वाॅड टीम को बुलाया गया। करीब डेढ़ घंटे बाद डाॅगी रेंबो को लेकर संजीव कुमार, जितेंद्र कुमार पहुंचे। टीम ने प्लेटफाॅर्म संख्या एक, दो तीन पर यात्रियों के सामान की तलाशी ली। उसके बाद कामायनी एक्सप्रेस ट्रेन के सभी कोच में डाॅग स्क्वाॅड टीम ने जांच की। कोई संदिग्ध सामान न मिलने पर ट्रेन करीब तीन घंटे बाद रवाना हुई। इस दौरान वहा मौजूद स्टेशन व परिचालन प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि इसके कारण दूसरी ट्रेनों पर कोई असर पर नहीं पड़ा।



पूछताछ काउंटर पर लगी भीड़
प्लेटफाॅर्म संख्या तीन पर खड़ी कामायनी एक्सप्रेस में दो घंटे पूर्व ही प्रयागराज जाने वाले यात्री बैठ गए थे। अचानक ट्रेन को खाली करवाकर वाशिंगपिट पर ले जाया गया। निर्धारित समय के बाद भी ट्रेन न आने व एनाउंस न होने पर यात्री एक दूसरे से पूछताछ करने लगे। पूछताछ काउंटर पर भीड़ लग गई। इस दौरान जेबकतरों ने कई लोगों की जेब तक काट डाली। कुछ यात्रियों ने यात्रा कैंसिल कर दी। ट्रेन में सबसे ज्यादा कुंभ जाने वाले श्रद्धालु शामिल थे।
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डाग स्क्वाॅड टीम रहती तो नहीं होती परेशानी
अगर जिले में डाग स्क्वाॅड टीम रहती तो जांच होने के बाद ट्रेन निर्धारित समय पर रवाना हो जाती। पूर्व में पुलिस लाइन में एक डाॅग स्क्वाड की तैनाती थी, लेकिन उसकी मौत होने के बात दूसरी तैनाती नहीं हो सकी।


कोट...
कामायनी एक्सप्रेस में संदिग्ध बैग होने की सूचना मिली थी। पूरी ट्रेन के साथ प्लेटफाॅर्म की भी जांच की गई। कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिलने पर ट्रेन रवाना कर दी गई। - श्यामकांत, सीओ सिटी
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