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Ballia News: तेज धूप के बीच पुलिस भर्ती परीक्षा, गर्मी में अभ्यर्थी हुए परेशान

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पुलिस भर्ती परीक्षा के बाद नगर के टीडी कालेज चौराहा से ओवरब्रीज तक लगा वाहनों का जाम।संवाद
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बलिया। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान जिला प्रशासन के दावों की पोल खुल गई। परीक्षा केंद्रों पर भीषण गर्मी और तेज धूप से बचाव के कोई पुख्ता इंतजाम न होने के कारण परीक्षार्थियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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परीक्षा देने आए छात्र धूप से बचने के लिए परीक्षा केंद्रों के बाहर पेड़ों की ओट और दुकानों के नीचे और ओवरब्रिज के नीचे छिपने को मजबूर दिखे। दोपहर में परीक्षा केंद्र जाने के दौरान पांच छह परीक्षार्थी की तबीयत खराब हो गई। दो तीन को इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सक ने प्राथमिक इलाज के बाद राहत मिलने पर घर की छुट्टी कर दी। कुंवर सिंह चौराहा के पास एक परीक्षार्थी अचानक चक्कर आने से गिर गया। उसके साथ ही महिला ने बोतल के पानी मुंह पर डालकर किसी तरह से होश में लगाया। इस दौरान काफी भीड़ लग गई। फिर उसे जिला अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया। बाद में वह ठीक हो गया। नगवां स्कूल के परीक्षा केंद्र पर एक परीक्षार्थी धूप के कारण चक्कर खाकर गिर पड़ा। वहां मौजूद एंबुलेंस के स्वास्थ्य टीम ने मौके पर ही उसका प्राथमिक इलाज किया, जिसके बाद राहत मिलने पर छात्र परीक्षा में शामिल हो सका। सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों के साथ परीक्षा देने पहुंची मांओं का रहा, परिजन पेड़ के नीचे बच्चों को लेकर बैठी रही। कलेक्ट्रेट में इस तरह के तमाम परिजन दिखे। दोपहर में तेज धूप में घर जाने के दौरान परीक्षार्थी बेहाल दिखे।

पीने के पानी के लिए तरसे परीक्षार्थी

प्रशासन द्वारा परीक्षा केंद्रों पर शीतल पेय जल की व्यवस्था करने के दावे पूरी तरह खोखले साबित हुए। केंद्रों पर ठंडे पानी का कोई इंतजाम नहीं था, जिससे परीक्षार्थी प्यास से तड़पते नजर आए। मजबूरन छात्रों को महंगे दामों पर बोतल बंद पानी और कोल्ड ड्रिंक्स खरीदकर अपनी प्यास बुझानी पड़ी। पानी की दुकानों पर परीक्षार्थियों की भारी भीड़ देखी गई। प्रशासनिक इंतजाम पड़े नाकाफी हालांकि, प्रशासन ने तेज धूप और आपातकालीन स्थिति को देखते हुए जिले के 15 परीक्षा केंद्रों पर 12 एंबुलेंस तैनात की थीं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी अलर्ट पर थीं, जिससे समय रहते बीमार छात्रों को इलाज मिल सका। लेकिन परीक्षा केंद्रों के बाहर छाया और पीने के पानी जैसे बुनियादी इंतजाम न होने से परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों में प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी देखने को मिली।
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