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जमीन पर कब्जा को लेकर दो वर्ग के लोगों में खींचतान, पुलिस ने कब्जा कराने का आरोप

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लालगंज क्षेत्र के गोपालपुर गांव में विवादित जगह को दिखाने के लिए एसडीएम को ले जाते बैरिया विधायक - फोटो : BALLIA
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लालगंज। क्षेत्र के सोनबरसा मौजे के गोपालपुर गांव में शनिवार की शाम एक भूखंड पर कब्जे को लेकर दो वर्गों के बीच तनातनी हो र्गई। भूखंड पर एक पक्ष की ओर से लगाए गए धार्मिक झंडे को हटवाकर पुलिस ने दूसरे वर्ग का झंडा गड़वा दिया। एक पक्ष के 13 लोगों का शांति भंग में चालन कर दिया। मामले में रविवार की सुबह विधायक सुरेंद्र सिंह की अगुवाई में विहिप व आरएसएस के लोग पुलिस चौकी पर पहुंचे। सूचना पर पहुंचे प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने मौका मुआयना कर लेखपाल से कागज देखकर यथा स्थित बहाल करने का निर्देश दिया। इसके बाद मामला शांत हुआ।
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दोकटी थाना क्षेत्र के गोपालपुर गांव में राजबली यादव के दरवाजे के सामने स्थित भूखंड पर शुक्रवार की सुबह श्रीकृष्ण जी का फोटो और झंडा देख कर दूसरे वर्ग के लोगोें ने लालगंज चौकी पर आकर शिकायत की। बताया कि वे संबंधित भूखंड पर ताजिया की मिट्टी दफन करते हैं। चौकी प्रभारी सुनील सिंह ने वहां पहुंच दूसरे वर्ग का झंडा गड़वा दिया और एक पक्ष के 13 लोगों व दूसरे पक्ष के 10 लोगों के खिलाफ शांतिभंग में कार्रवाई की। रविवार को कुछ लोग इकट्ठे होकर लेखपाल को बुलाकर कागज को देखा। लेखपाल लक्ष्मण गुप्ता ने बताया कि कागजी तौर पर जमीन हिंदुओं का कब्जा है। इसके बाद विहिप व आरएसएस के कार्यकर्ता लालगंज चौकी पर पहुंच गए और निजी भूमि पर एक वर्ग के लोगों द्वारा कब्जे कराने का आरोप लगाया। विधायक सुरेंद्र सिंह भी लालगंज चौकी पर पहुंचे। चौकी प्रभारी सुनील सिंह ने बताया कि परंपरा के अनुसार उस भूमि पर ताजिया का मिट्टी दफ़न होती रही है। इस वजह से वहां दूसरे वर्ग का झंडा गड़वाया गया। वहीं कुछ लोगों का कहना था कि यहां ताजिया की मिट्टी नहीं दफनाई जाती है। जानकारी होने पर मामले एसडीएम बैरिया सुरेश पाल, नायब तहसीलदार रजत सिंह, क्षेत्राधिकारी बैरिया अशोक सिंह, एसएचओ दोकटी अमित सिंह व एसएचओ बैरिया संजय त्रिपाठी भी पहुंच गए। सभी ने मौका मुआयना कर अभिलेखों को भी देखा। अंत में निर्णय लिया गया कि काश्तकारों का अधिकार कायम रहेगा और दूसरे वर्ग के लोग भी जो करते आए हैं करते रहेंगे। किसी वर्ग का झंडा नहीं लगेगा। इसके लिए लिखित आदेश कल दे दिया जाएगा। इसके बाद मामला शांत हो गया। विधायक सुरेंद्र सिंह भी उच्चाधिकारियों से बातचीत के बाद लौट गए। इस मामले में शनिवार को 13 लोगों को शांतिभंग में निरुद्ध किया था। इसमें से राजबली यादव पुत्र गर्जन यादव, जयप्रकाश यादव पुत्र राजबली यादव को एसडीएम बैरिया ने जमानत खारिज कर जेल भेज दिया।
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