बलिया। जिले में गड्ढा मुक्ति अभियान कभी भी परवान नहीं चढ़ सका। आज भी शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक कि सड़कें बदहाल हैं। नगर में तो सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने की रिपोर्ट भी शासन को भेज दी गई, लेकिन धरातल पर स्थिति ज्यों का त्यों है और लोग हिचकोले खाते चलने को विवश हैं।
सरकार भले ही सड़कों को गड्ढा मुक्त करने को लेकर बार बार निर्देश देती है लेकिन धरातल पर कभी भी अभियान परवान नहीं चढ़ता। चार माह पहले भी शासन की ओर से गड्ढा मुक्ति अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। अलग-अलग विभागों की ओर से 247.577 किमी की कुल 199 सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए चिह्नित किया गया। इसमें नगरीय क्षेत्र के 42.55 किमी की 91 सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का दावा किया गया। लेकिन आज भी नगर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक की सड़कों पर लोग हिचकोले खाते हुए चलते हैं। बतौर उदाहरण नगर के चित्तू पांडेय चौराहा के पास बने गड्ढे ज्यों के त्यों हैं। बताया जाता है कि यह गड्ढे पिछले पांच वर्षों से हैं और कभी कभार इसमें गिट्टी व मिट्टी भरकर दुरुस्त की जाती है जो कुछ दिनों बाद ही बिखर जाते हैं। इसी तरह नगर के मिड्ढी-काजीपुरा मार्ग महीनों से बदहाल है। इन मार्गों पर चलना दुश्वार हो जाता है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी अधिकांश सड़कों की दशा काफी खराब है। कई बार ग्रामीणों की ओर से आवाज भी उठाई गई लेकिन इन मार्गों की सुधि नहीं ली गई।
वर्षों से बदहाल है हड़िहां कला मार्ग
रेवती। क्षेत्र का हड़िहां कला मार्ग वर्षों से बदहाल है। इस मार्ग पर जगह-जगह बने गड्ढों तथा और जहां तहां बिखरे पत्थरों के टुकड़ों के चलते इस मार्ग पर आए दिन लोग चोटिल होते हैं। यह सड़क ब्लॉक मुख्यालय, सीएचसी, थाना, बाजार, रेलवे स्टेशन के अलावा कई शिक्षण संस्थाओं आदि का प्रमुख मार्ग है। इस मार्ग पर रोजाना बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। सड़क की खास्ताहाल को लेकर कई बार प्रधान व समाजसेवियों की ओर से आवाज उठाई गई। लेकिन इस मार्ग की स्थति नहीं सुधरी।
14 माह में भी नहीं बनी चार किमी सड़क
बेल्थरारोड। क्षेत्र में सड़कों की हालत अत्यंत दयनीय है। गोरखपुर-बलिया राजमार्ग से संबद्ध चौकिया से तेंदुआ तक चार किलोमीटर सड़क का निर्माण पिछले 14 माह में भी पूरा नहीं हुआ। ग्रामीण अंचलों को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गड्ढे के रूप में तब्दील हो गए हैं। कुंडल से बहोरवा जाने वाला मार्ग जर्जर हो गया है। गत वर्षो इसी सड़क पर धान रोप कर ग्रामीणों ने प्रदर्शन भी किया। लेकिन विभाग और जनप्रतिनिधि मार्ग निर्माण को लेकर उदासीन बने रहे। इसी प्रकार की सीयर पशुहारी मार्ग, फरसाटार शाहपुर मार्ग, सीयर सोनाडीह मार्ग समेत क्षेत्र के सभी संपर्क मार्ग खराब हो गए हैं। मार्गों पर स्वतंत्र व सुगम यातायात मुश्किल हो गया है। सड़क निर्माण व मरम्मत के लिए बार-बार ध्यान दिलाए जाने के बावजूद संबंधित अधिकारी और जनप्रतिनिधि उदासीन बने हुए हैं।