लालगंज (बलिया)। बिना डॉक्टर के हो जाने के कारण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुरलीछपरा बंद पड़ा है। ऐसे में विकास खंड मुरलीछपरा के बाहरी रोगी का इलाज तो संभव ही नहीं। कोरोना के होम आइसोलेट रोगियों को कौन देख रहा है यह भगवान भरोसे ही है।
अस्पताल के प्रभारी डॉ. देव नीति सिंह कोरोना पॉजिटिव होकर होम आइसोलेशन में हैं। वहीं अस्पताल पर तैनात डॉ. एसके पांडेय भी अब तक होम आइसोलेशन में चल रहे हैं। मात्र एक डॉक्टर सुमन मिश्रा के भरोसे यह अस्पताल संचालित था। लेकिन इनको भी स्वास्थ्य विभाग ने बसंतपुर एल वन अस्पताल से अटैच कर दिया गया है।
अब ऐसे में यह समझ में नहीं आ रहा है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुरली छपरा के लगभग 250 होम आइसोलेशन में चल रहे कोरोना पीड़ितों की देखभाल कौन करेगा। मुरली छपरा के स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि डॉ. सुमन मिश्रा दिन में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुरली छपरा पर रहते थे जो कोरोना पॉजिटिव रोगियों की देखभाल करते थे। उन्हें समुचित इलाज के लिए गाइड करते थे और रात में उनकी ड्यूटी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा पर इमरजेंसी में नाइट शिफ्ट में होती थी। इसके चलते प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुरली छपरा पूरी तरह चिकित्सक विहीन हो गया है और सोनबरसा में भी रात्रि कालीन इमरजेंसी ड्यूटी नहीं हो पाएगी। क्षेत्रीय लोगों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुरली छपरा पर किसी चिकित्सक के तैनाती की मांग की है।