राष्ट्रीय पेरियार संघ की ओर से गुरुवार को कलेक्ट्रेट स्थित बाबा साहब डा. भीम राव अंबेडकर संस्थान में पेरियार ईबी रामास्वामी नायकर की जयंती मनाई गई। वक्ताओं ने पेरियार के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की शुरुआत में पूर्व मंत्री घूरा राम ने रामास्वामी नायकर के चित्र पर पुष्प अर्पित किया।
घूरा राम ने कहा कि पेरियार युगपुरुष थे। जब देश में पाखंड, अंध विश्वास और जातिवाद से गरीब अछूत समाज के लोग कराह रहे थे, उस समय पेरियार ने इसके विरुद्ध संघर्ष का रास्ता अख्तियार किया। आलोचनात्मक वैज्ञानिक दृष्टिकोण को अपनाया और तर्क के आधार पर हर हिंदू धर्म में व्याप्त कुरीतियों को सीधे चुनौती दी।
विशिष्ट अतिथि लक्ष्मी नारायण चौहान ने कहा कि पेरियार के विचारों का जन-जन में प्रचार प्रसार करना ही उनको सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस दौरान सतीश चंद धुपिया ने भी लोगों को संबोधित किया। शंभू राजभर और विकल बलियावी ने संगीत के माध्यम से श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर संतोष राम, हरेंद्र राम, ओम प्रकाश आदि रहे।