हाईकोर्ट के आदेश पर समायोजन रद्द होने से नाराज शिक्षामित्रों ने बुधवार केा भी जगह-जगह प्रदर्शन कर अपनी ताकत दिखाई। नगर क्षेत्र में बीआरसी पर जुटे शिक्षामित्रों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर धरना प्रदर्शन किया। निर्णय लिया कि 18 को वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में जाएंगे। उनसे अपनी पीड़ा सुनाएंगे।
बीआरसी पर धरना सभा की अध्यक्षता कर रहे सूर्यप्रकाश यादव ने कहा कि केंद्र सरकार और एनसीटीई के ढुलमुल रवैये के कारण लाखों शिक्षामित्रों का परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच जाएगा। 18 सितंबर को वाराणसी में प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर सभी साथियों से सपरिवार वाराणसी चलने का आग्रह किया।
इस मौके पर ललिता सिंह, अनीता वर्मा, अनिल मिश्र, शैलेंद्र कुमार सिंह, उमेश गुप्ता आदि रहे। उधर हनुमानगंज ब्लाक के शिक्षामित्रों ने बीएसए कार्यालय पर धरना दिया। केंद्र सरकार और एनसीटीई की दोहरी नीतियों की निंदा की गई। धरने में दस सदस्यीय समिति का गठन किया गया। इसमें हरेराम यादव, अशोक यादव, अबंरिश सिंह, उमा यादव, ममता देवी, परमात्मा पांडेय, देवेंद्र प्रसाद आदि को नामित किया गया।
बीआरसी दुबहर पर शिक्षामित्रों का धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। धरना सभा की अध्यक्षता करते हुए प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लाक अध्यक्ष राजेंद्र मिश्र ने कहा कि न्यायालय का आदेश दुखद है। लेकिन हमें अहिंसात्मक तरीके से आंदोलन करना है। प्राथमिक शिक्षक संघ हर लड़ाई में शिक्षामित्रों के साथ है।