बलिया। अखिल भारतवर्षीय गोंड महासभा के तत्वावधान में जिलाध्यक्ष हरिहर प्रसाद गोंड के आह्वान पर गोंड समाज के लोगों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। धरना सभा को संबोधित करते हुए हरेंद्र गोंड ने कहा कि जनपद में गोंड अनुसूचित जनजाति जो 2011 की जनगणना में लगभग डेढ़ लाख थी, वह लोग कहां चले गए। पिछले चुनाव में 53 ग्राम प्रधान, एक ब्लाक प्रमुख, दो जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित होकर अपना कार्यकाल पूरा किए हैं, वो लोग अब कहा चले गए है। आज पूरा गोंड जाति के लोग अपनी संवैधानिक अधिकारों के लिए कलेक्ट्रेट में धरना दे रहे हैं। कहा कि संपूर्ण जनजातियों की संविधान द्वारा प्रदत्त संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए बैरिया तहसीलदार शिवसागर दूबे संविधान विरोधी है। इसके लिए बैरिया तहसीलदार पर राजद्रोह का मुकदमा कर तत्काल उन्हें पद से हटाया जाए। साथ ही जनजाति के आरक्षित सभी सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए जाति प्रमाणपत्र सुगमता से तत्काल जारी किया जाए। इस मौके पर कृष्ण बिहारी गोंड, रघुनाथ गोंड, हीरालाल गोंड, श्रीभगवान, बंधु गोंड, बच्चालाल गोंड, अंगद गोंड, ददन गोंड, कन्हैया गोंड, प्रदीप गोंड, जितेंद्र गोंड, धीरज गोंड आदि मौजूद रहे। उधर, खरवार जनजाति कल्याण समिति के सदस्यों ने जाति प्रमाणपत्र जारी करने की मांग को लेकर धरना दिया। इस मौके पर रमाशंकर खरवार, रितेश खरवार, दिलीप खरवार, संजय खरवार, सचिन खरवार आदि मौजूद रहे।
देर शाम को डीएम के प्रतिनिधि के रूप में एडीएम राम आसरे ने धरना दे रहे गोंड-खरवार जाति के लोगों से बात की। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे जाति प्रमाण पत्र के आवेदन दें, जाति प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। जो भी इसमें हीलाहवाली करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एडीएम के आश्वासन के बाद देर शाम लगभग सात बजे धरना समाप्त हुआ।