रामगढ़/दयाछपरा (बलिया)। गंगा यात्रा में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के मुख्यअतिथि के रूप में शरीक होने की सूचना के बाद दुबे छपरा के लोगोें में उत्साह है। उनका कहना है कि वे राज्यपाल को बाढ़ के दौरान होने वाली तबाही के बारे में बताएंगे और बाढ़ से बचाव का स्थायी इंतजाम करने की मांग करेंगे।
27 जनवरी को गोपालपुर गंगा घाट पर गंगा यात्रा की शुरूआत राज्यपाल करेेंगी। उनके आगमन की तैयारी में घाट को सजाया जा रहा है। गंगाजी की आरती व पूजा अर्चन के लिए ढलान तैयार किया जा रहा है। रास्ते भी बन रहे हैं, दो-दो हेलीपैड बनाने का क्रम जारी है। हेलीकॉप्टर के आने से उड़ने वाला बवंडर क्या यहां विकास का कोई नया संदेश लाएगा अथवा स्थिति हवा-हवाई ही रहेगी।
गोपालपुर पंकज तिवारी का कहना है राज्यपाल के आगमन को लेकर घाट पर ढलान बनाया जा रहा है लेकिन समय रहते अगर यहां बाढ़ व कटान को लेकर सुरक्षात्मक कार्य नहीं कराया गया तो अगले सत्र में गंगा अगर उफनाई तो कई गांवों के अस्तित्व पर भी खतरा है। महेंद्र नाथ तिवारी का कहना है कि महामहिम के आने से इलाके का कायाकल्प होगा या नहीं लेकिन इस साल तो गंगा ने कमर ही तोड़ दिया। बहुत से कटान पीड़ितों को अभी तक कोई सहायता राशि तक नहीं मिली है। उपेंद्र तिवारी का कहना है कि हमारे इसी घाट से गंगा यात्रा जल मार्ग से हुकुम छपरा घाट पर पहुंचेगा और इसके बाद सड़क मार्ग पकड़ेगा। आशुतोष तिवारी का कहना है कि आगामी बरसात के मौसम में गंगापुर में हाईवे पर गंगा का दबाव पड़ा तो अगले साल बंधे के उत्तर दिशा में बसी आबादी तबाह होगी।