ईंट भट्ठों पर दरभंगा में काम करने वाले श्रमिक लाकडाउन के चलते पुन: घोड़ा गाड़ी से वापस इलाहाबाद क?
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जयप्रकाश नगर। लॉकडाउन के बाद से श्रमिकों का पलायन लगातार जारी है। रविवार को भी साइकिल, पैदल व घोड़ा गाड़ी आदि से 71 मजदूर अपने-अपने गंतव्य को जाते मिले।
राष्ट्रीय राजमार्ग 31 बैरिया मांझी मार्ग पर वाराणसी से पैदल चलकर नेपाल देश के सरलाई जनपद के 23 श्रमिक जिन्न बाबा स्थान पर आराम कर रहे थे। श्रमिकों में दिनेश कुमार गुप्ता, प्रेम नारायण चौधरी, सुमन तामान, मनजीत तामान, सिंड तामान, अनिल चौधरी, किसुन देव चौधरी आदि ने बताया कि हम लोगों को अब वाराणसी में मकान का किराया देने के लिए रुपये नहीं बचे थे। मकान मालिक बार बार किराया मांग रहे थे। लॉकडाउन के चलते सारा काम-धंधा बंद था। जिसके चलते सात मई को पैदल ही घर के लिए निकल पड़े। बीच रास्ते मे एक व्यक्ति ने खाना खिलाया था। यहां पहुंचने पर चांददीयर के ग्राम प्रधान ने हम लोगों को बिस्किट, चूरा, गुड़ खिलाते हुए रास्ते के लिए भी दिया। एक तरफ सरकार कह रही है कि भोजन की कमी नहीं होने दी जाएगी लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं दिख रहा। यदि गांव के लोग राहगीरों की मदद न करें तो कोरोना से मरे या न मरे लेकिन भूख से ही लोग मर जाएंगे। उधर, सीतामढ़ी में ईंट भट्ठों पर काम करने वाले 29 श्रमिक अपने घोड़ा गाड़ी से आजमगढ़ के लिए चले जो रविवार को बलराम सिंह के डेरा पर चौथे दिन पहुंचे तो वहीं साइकिल से चलाकर रक्सौल बिहार से शाहगंज को जा रहे 19 श्रमिक एक पेट्रोल पंप के पास रविवार को आराम करते मिले।